संसद में चुनाव सुधार पर चर्चा: ईवीएम के कोड पर सवाल
राजीव गांधी के दौर में कांग्रेस लाई बदलावः मनीष तिवारीनई दिल्ली (एजेंसी)।लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने की। मनीष तिवारी ने कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाने समय की मांग है। उन्होंने संविधान के तहत चुनाव आयोग को मिले अधिकारों का जिक्र करके हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार के कार्यकाल में सबसे बड़े चुनावी सुधार हुए।
उन्होंने कहा कि 1988 में कांग्रेस सरकार ने इतिहास का सबसे बड़ा सुधार कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज चुनाव आयोग केंद्र के निर्देश पर काम कर रहा है। ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए तिवारी ने कहा कि इन मशीनों का सोर्स कोड किसी और कंपनी के पास होना चिंताजनक है।
उन्होंने कहा, यह जो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) है। लोकतंत्र एक भरोसे पर चलता है और वह भरोसा क्या है कि 98 करोड़ लोग जाकर लाइन में खड़े होते हैं, पांच पांच सात-सात घंटे तक धूप में खड़े होते हैं। आप राजस्थान से आते हैं। आप जानते हैं कि कैसी चिलचिलाती गर्मी रहती है मई जून में। उसको (मतदाता) यह भरोसा होना चाहिए कि वह जो वोट डाल रहा है, वह सही जगह जा रहा है कि नहीं। आज इस देश में बहुत लोगों को यह चिंता है।
कांग्रेस सांसद ने कहा, मैं यह नहीं कह रहा है कि ईवीएम से छेड़छाड़ हो रही है। मैं यह कह रहा हूं कि लोगों को इस बात की चिंता कि ईवीएम में छेड़छाड़ हो सकती है। जब आवाम का भरोसा लोकतंत्र में टूटता है, तो अराजकता फैलती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है। मैंने सदन में सवाल पूछा था कि यह ईवीएम का सोर्स कोड किसके पास है। यह क्या उन कंपनियों के पास है, जो ईवीएम बनाती हैं या यह चुनाव आयोग के पास है। ईवीएम का सोर्स कोड किसके पास है। मुझे अब तक इस पर जवाब नहीं मिला है।


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