आलीशान मकान में चल रहा था अवैध मिनी कमेला
-पुलिस ने की छापेमारी भारी मात्रा में मीट व जिंदा पशु बरामद
मेरठ। मुखबिर की सूचना पर गुरवार की सुबह पुलिस ने एक आलीशान मकान में चल रहे अवैध मिनी कमेला पर छापेमारी करते हुए भारी मात्रा मीट बरामद किया। पुलिस ने मौके से कुछ जिंदा पशु भी बरामद किए। आरोपी पुलिस को देखकर मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र स्थित ऊंचा सद्दीकनगर में पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी की हाजी छोटे उर्फ शमशाद के आलीशान मकान के अंदर अवैध पशु कटान का मिनी कमेला चल रहा है। पुलिस ने मकान की घेराबंदी करते हुए छापेमारी की तो आरोपी छोटे अपने परिवार के सदस्यों के साथ छत से कूदकर फरार हो गया। पुलिस ने मकान की तरफ देखा तो पूरा मकान में इटालियन पत्थरों से सजा हुआ था। उसी मकान के अंदर एक विशेष होल बनाया गया था। जिसके अंदर चोरी से मिनी कमेला चलाया जा रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मौके से मीट बरामद किया व कुछ जिंदा पशु भी मिले।
लिसाड़ीगेट इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर ने नाली में खून देखकर उन्हें सूचना दी थी। ऊंचा सिददीकनगर में एक आलीशान मकान में गोपनीय तरीके से मिनी कमेला चल रहा है। ऐसी गतिविधि की संभावना कम लग रही थी, जिसके बाद मकान की रेकी कराई गई और फिर छापेमारी की कार्रवाई की गई। मौके से भारी मात्रा में मीट व जिंदा पशु मिले है। पुलसि ने इस मामले में हाजी छोटे, अब्दुल रज्जाक, नौशाद, नदीम व फिरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है, जो उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
पहले भी पकड़े गए कई बार मिनी कमेले
लिसाड़ी गेट क्षेत्र में इससे पहले भी कई बार मिनी कमेले पकड़ जा चुके है। पुलिस द्वारा आरोपियों पर कार्रवाई करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। अगर देखा जाये तो लिसाड़ी गेट के कई क्षेत्रों के अंदर गोपनीय तरीके से मिनी कमेले चल रहे है। जिसकी शिकायत थाना पुलिस से मुखबिर कर चुके है लेकिन पुलिस सीधे हाथ डालने में डरती है। वह पहले पूरे क्षेत्र की रेकिंग कराती है उसके बाद सूचना कंफर्म हो जाने पर छापेमारी करती है।
पुलिस को सीसीटीवी में देखकर फरार हो जाते है आरोपी
मिनी कमेला संचालकों ने जिस जगह अवैध पशु कटान करते है। उससे आसपास सड़क से लेकर गली तक सीसीटीवी कैमरें लगा रखे है। जहां से बैठकर वह सड़क से लेकर गली तक पैनी नजर रखते है। अगर उन लोगों के जरासा भी शक होता है तो वह लोग मौके पर ताला डालकर फरार हो जाते है। पुलिस की छापेमारी के दौरान मौके पर उनके हाथ कोई नहीं लगता है। जिसके बाद वह वापस लौट जाते है।
पैसे बचाने के लिए घरों को बना दिया मिनी कमेला
नगर निगम के द्वारा सलोटर हाऊस बंद होने के बाद शहर के अधिकतर दुकानदार पशु का कटान फैक्ट्रियों में ले जाकर करने लगे थे, लेकिन फैक्ट्री संचालकों को उनसे अधिक वसूली के चलते कुछ लोगों ने घरों के अंदर ही मिनी कमेले बना दिए है। जो पैसे बचाने के लिए पुलिस से चोरी छिपे अपने घर के अंदर ही पशु कटान करने लगे और कटा हुआ मीट दुकानों पर सप्लाई कर दिया जाता है। इससे दुकानदार को भी पैसे बच जाते है और जिन्ह लोगों ने अपने घरों के अंदर मिनी कमेला बना दिया है वह दुकानदार से पैसे लेते है।


No comments:
Post a Comment