उत्तम मानव जीवन की प्रेरिका श्रीमद्भगवद्गीता
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि परिसर स्थित संस्कृतप्राच्यभाषाविभाग में मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी के दिन सोत्साह ‘श्रीमद्भगवद्गीता जयन्ती’ के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परिसर के भूगोलविभाग के अध्यापक व छात्र-छात्राएँ भी इस आयोजन में सहभागी रहे।
मङ्गलाचरण के साथ आरम्भ हुए इस कार्यक्रम में अध्यापकों तथा छात्र-छात्राओं के द्वारा मिलकर श्रीमद्भगवद्गीता के बारहवें अध्याय का सामूहिक पाठ किया गया। छात्रा रिया द्वारा श्लोकों का हिन्दी अर्थ भी सबको सुनाया गया। डॉ. सन्दीप कुमार (विभागाध्यक्ष, संस्कृतविभाग, एन्.ए.एस्.कॉलेज) ने उपनिषद् एवं गीता के सम्बन्ध को स्पष्ट किया। डॉ. अरविन्द कुमार (सहा. आचार्य, संस्कृतविभाग, मेरठ कॉलेज) ने प्रस्थानत्रयी में गीता के वैशिष्ट्य को प्रतिपादित किया। डॉ. सुनील कुमार (भूगोल विभाग, चौ.च.सिं.वि.वि. परिसर) ने सत्य एवं मधुरभाषण करने से सम्बन्धित संस्कृत श्लोक की चर्चा की। परिसरस्थित संस्कृतप्राच्यभाषाविभाग के सहविभागाध्यक्ष डॉ. प्रशान्त शर्मा ने महाभारत के परिचय के साथ श्रीमद्भगवद्गीता की मूल उद्भावना, कर्म की प्रधानता, भक्ति के वास्तविक स्वरूप के साथ श्रीकृष्ण के उपदेश को आत्मसात् कर उत्तम समाज के निर्माण में सहभागी बनने की बात पर बल दिया। कार्यक्रम के अन्त में डॉ. नरेन्द्र कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए श्रीमद्भगवद्गीता के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा- “जो हमारे साथ में है, वह विरोध में नहीं और जो हमारे विरोध में है, वह हमारे साथ नहीं है”, यही श्रीकृष्ण तथा अर्जुन के संवाद का सार है।
समग्र कार्यक्रम का सञ्चालन डॉ. ओमपाल सिंह द्वारा किया गया। सबके मङ्गल व कल्याण की कामना के साथ कार्यक्रम पूर्ण हुआ। समारोह में श्री तुषार गोयल, डॉ. रक्षिता, डॉ आभा कंसल, मनीष स्वामी, अंकित वर्मा, अक्षय, शिवानी, तनु, पायल, ख़ुशी, हिमांशी, अनु चहल, शिवानी, वंशिका, नमीषा, अभय, उज्जवल सुमित शर्मा आदि उपस्थित रहे।


No comments:
Post a Comment