गीता जंयती पर गीता ज्ञान का कार्यक्रम आयोजित 

मेरठ।  योग विज्ञान विभाग में गीता जयंती के अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा गीता ज्ञान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विभाग के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। सभी शिक्षकों ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला। 

डॉक्टर नवज्योति सिद्धू ने गीता के महत्व एवं उसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला। अमरपाल द्वारा गीता के प्रमुख उद्देश्यों का वर्णन किया गया डॉक्टर कमल शर्मा द्वारा गीता में कर्म योग, ज्ञान योग के महत्व को बताया गया सत्यम सिंह द्वारा आज के परिपेक्ष में गीता की उपयोगिता एवं उसके ज्ञान का उल्लेख किया गया अंजू मलिक द्वारा विद्यार्थियों के नैतिक मूल्यों को बढ़ाने के लिए गीता के महत्व को समझाया गया साक्षी मावी द्वारा मानसिक संतुलन के विकास के लिए गीता की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों द्वारा भी गीता की आवश्यकता एवं महत्व को बताया। महाभारत में कुल 18 पर्व हैं। जिसमें छठे पर्व जो भीष्म पर्व के नाम से है उसके 25 से 42 श्लोक में श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। इन श्लोकों में श्री कृष्ण ने अर्जुन को कर्म योग, ज्ञान योग एवं भक्ति योग के उपदेश दिए जिसके महत्व को समझते हुए इन श्लोकों को श्रीमद् भगवत गीता के रूप में अलग से एक पुस्तक का रूप दे दिया गया। श्रीमद् भागवत गीता में कुल 18 अध्याय एवं 700 श्लोक हैं।

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