मेरठ। मेरठ शहर से सपा के विधायक रफीक अंसारी ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त की है। सोमवार को वे एसएसपी कार्यालय पहुंचे और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा 4 नवंबर से 11 दिसंबर तक चलाए जा रहे विशेष संशोधन अभियान में बीएलओ स्तर पर भारी लापरवाही हो रही है, जिसका खामियाजा मतदाताओं को भुगतना पड़ रहा है।
विधायक ने बताया कि बीएलओ को घर-घर जाकर सत्यापन करना होता है, लेकिन अधिकांश बीएलओ अन्य विभागों से नियुक्त कर्मचारी हैं जिन्हें अपने क्षेत्र की जानकारी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि कई बीएलओ ऐसे इलाकों में तैनात हैं जहां उन्हें मोहल्लों और घरों की पहचान तक नहीं है।
विधायक के अनुसार, शहर की आबादी लगातार बदल रही है, लोग एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हैं। ऐसे में बीएलओ को यह भी मालूम नहीं होता कि जिस व्यक्ति का फॉर्म भरना है, उसका घर कौन सा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फोन नंबर होने के बावजूद बीएलओ कॉल नहीं उठाते और लोग बार-बार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
विधायक ने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से कट गए हैं, उन्हें फरवरी में मौका मिलेगा। हालांकि, बड़ी समस्या उन लोगों की है जिन्होंने अभी फॉर्म जमा किए हैं, क्योंकि उनका न तो सत्यापन हो रहा है और न ही फॉर्म एकत्र किए जा रहे हैं।
रफीक अंसारी ने चेतावनी दी कि मौजूदा अव्यवस्था के कारण प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 1 से 1.5 लाख वोट कटने की आशंका है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जब इतने वोट गायब होंगे, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि इसका नुकसान किसे हुआ है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि "यहां कोई विदेशी या बाहर का व्यक्ति नहीं है, सभी हिंदुस्तानी हैं।" विधायक ने प्रशासन को चेताया कि आदेशों के नाम पर आम जनता को परेशान न किया जाए और बीएलओ व्यवस्था में तुरंत सुधार लाया जाए, अन्यथा आगामी चुनावों में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे।


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