मॉक ड्रिल में आग से बचाव के उपाय बताए गये
मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों को दी फायर सेफ्टी ट्रेनिंग
मेरठ। सोमवार को मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में फायर सेफ्टी एवं फायर फाइटिंग स्किल्स के प्रशिक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आग लगने की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देना और अस्पताल परिसर में कार्यरत सभी कर्मचारियों को आग से संबंधित सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक करना था।
मॉक ड्रिल का नेतृत्व जितेन्द्र कुमार (फायर ऑफिसर) द्वारा किया गया। इस मौके पर मेडिकल के डॉ. योगिता सिंह ,डॉ. आभा गुप्ता ,डॉ. अरविन्द कुमार ,डॉ. संध्या गौतम,डॉ. श्वेता शर्मा,डॉ. स्नेहलता वर्मा मौजूद रही।कार्यक्रम के दौरान आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से प्रतिक्रिया देने की तकनीकें,स्वयं की सुरक्षा, तथा फायर एग्ज़िंग्विशर का सही उपयोगकी ट्रेनिंग दी गई।
जितेन्द्र कुमार ने आग लगने के कारण एवं प्रकार,अस्पताल परिसर में आग लगने पर प्राथमिक प्रतिक्रिया, विभिन्न प्रकार के फायर एग्ज़िंग्विशरों का उपयोग, आग से बचाव के तरीके और स्वयं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की रणनीति प्रत्यक्ष प्रदर्शन (डेमो) के माध्यम से फायर एग्ज़िंग्विशर का उपयोग सिखाया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
मॉक ड्रिल में मेडिसिन विभाग के सभी जूनियर रेजिडेंट्स,नर्सिंग स्टाफ, एवं अन्य चिकित्सा कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम ने अस्पताल के सभी कर्मचारियों में फायर सेफ्टी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मेडिसिन विभाग ने इस सफल आयोजन के लिए फायर ऑफिसर, फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट्स और नर्सिंग स्टाफ का धन्यवाद किया।फायर सेफ्टी जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण अस्पताल की आपातकालीन तत्परता को और अधिक मजबूत करता है।


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