सोशल मीडिया से हटानी होगी फर्जी सामग्री: दिल्ली हाईकोर्ट
- सुनील गावस्कर की याचिका पर दिया निर्देश
दिल्ली (एजेंसी)।दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर के नाम और पहचान के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि इंटरमीडियरीज इस मामले को एक औपचारिक शिकायत के रूप में लें और विवादित कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया शुरू करें।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि किसी भी वादी को अदालत का रुख करने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की आंतरिक शिकायत प्रणाली का इस्तेमाल करना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि यह व्यवस्था ऐसे मामलों के समाधान के लिए बनाई गई है और इसका पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि पहले इंटरमीडियरीज को शिकायत पर फैसला करने दीजिए। उसके बाद अगर मामला हल नहीं होता है, तो कोर्ट बेहतर तरीके से हस्तक्षेप कर सकता है।
हाई कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म कथित उल्लंघन करने वालों की बुनियादी जानकारी और आईपी एड्रेस उपलब्ध कराने को तैयार हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रतिवादी इंटरमीडियरीज को एक सप्ताह के भीतर शिकायत पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, सुनील गावस्कर को 48 घंटे के भीतर कथित उल्लंघन वाले कंटेंट के सटीक इंटरनेट लिंक (यूआरएल) अपने वकील के जरिए प्लेटफॉर्म्स को सौंपने होंगे।
इसके बाद इंटरमीडियरीज को सात दिन के भीतर अपनी कार्रवाई की जानकारी देनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर तय की गई है। गौरतलब है कि सुनील गावस्कर ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए यह याचिका दायर की है। उनका कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनके नाम, तस्वीर और पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा है और उनके नाम से अन्य क्रिकेटरों पर फर्जी टिप्पणियां पोस्ट की जा रही हैं।


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