45 साल पुरानी फाइलों को खंगालने में जुटे अवास विकास के अधिकारी
लखनऊ आए चीफ इंजीनियर ने आवास विकास के अधिकारियों से की चर्चा
मेरठ। अवैध निर्माण आवास की फांस बतता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शास्त्री नगर के सैक्टर 6 में 661 के ध्वस्तीकरण के बाद अन्य अवैध निर्माण पर किस प्रकार कार्रवाई की जाए जिससे व्यापारियों को बचाया जा सके ओर कोर्ट की अवमानना से बचा जा सके। इस को लेकर शनिवार को लखनऊ से आए चीफ इंजीनियर व वास्तु नियोजक ने आवास विकास के अधिकारियों तक लंबा मंथन किया। इस दौरान विभाग के अधिकारी 1980 ऐसे फाइलों को खंगालते नजर आए जिन्होंने अपने मकान व भूखंडो को बेच दिया। जिन पर अवैध निर्माण हो चुके है।
महिने के दूसरा शनिवार को अवकाश के बाद भी आवास विकास का कार्यालय खुला। कार्यालय खुलते ही आवास विकास के अधिकारी अपने हाथों में फाइल लाते नजर आए। अधीक्षण अभियंता राहुल यादव के कार्यालय चीफ इंजीनियर डी वी सिंह ने आवास के अधिकारी से बीच का रास्ता निकालने के घंटे तक मंथन किया। इस दाैरान वास्तु नियोजक ज्योति ने भी अपने तर्क रखे। घंटो तक चली बैठक में वह आवास विकास के अधिकारियों को दिशा निर्देश देकर वहां से रवाना हो गये।
1980 की फाइलों को खंगालने में जुटे आवास के अधिकारी
कोर्ट की अवमानना से बचने के लिए आवास विकास के अधिकारियों ने 1980 आंवटित मूल आंवटी की फाइलों को खंगालना आरभ कर दिया है। जिन्होंने अपने भूखंड व आावास को बेच दिया। अधिकारी यह पड़ताल करने में जुटे है। निर्माण पूर्व उन्होंने शमन शुल्क जमा कराया है या नहीं । इस काम के आवास के आधा दर्जन कर्मचारियों को लगाया है। पुरानी फाइलों को तलाश करने के कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


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