26 जनवरी से पहले मिलेगी गंगा  एक्सप्रेस- वे की सौगात

13 जनवरी  को मकर संक्रान्ति पर कर सकते पीएम मोदी व सीएम योगी 

12 घंटे का सफर मात्र 6 घंटे में होगा पूरा , 12 जिलो को सीधा होगा फायदा 

 गंगा एक्सप्रेसवे ्प्रदेश के लिए इकोनाॅमी के लिए गेम चेंजर होगा साबित 

मेरठ । सब कुछ सही रहा तो नये साल पर बिजौली से  प्रयागराज तक जनवरी माह में वाहन दौड़ते हुए नजर आएंगे ।  गंगा एक्सप्रेस वे शुरू होने से मेरठ से प्रयाग राज का सफर 12 घंटे के बजाय मात्र 6 घंटे का रह जाएगा। एक्सप्रेस वे आरंभ होने से एक्सप्रेस पर पड़ने वाले 12 जिलों को इसकी सीधा लाभ मिलने की संभावना है। पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। गंगा एक्सप्रेसवे कई लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। जनवरी माह में 13 जनवरी को मकर संक्रान्ति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पीएम मोदी इसका उद्घाटन कर सकते है। सूत्र की मांने तो इसकी पूरी तैयारी की जा चुकी है। अभी वैसे विधिवत घोषणा नहीं की गयी है। लेकिन पूरी उम्मीद की जा रही है। जनवरी माह में इस एक्सप्रेस वे पर वाहनों के लिए खेाल दिया जाएगा। मेरठ से प्रयागराज तक का 594 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेस यूपी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को जोड़ेगा। 

 पीएम मोदी ने ही 18 दिसंबर 2021 को इस एक्सप्रेसवे की नींव रखी थी। मेरठ से प्रयागराज तक  गंगा एक्सप्रेसवे पर 37,352 करोड़ रुपये की लागत आयी है। औद्योगिक विकास प्राधिकरण परियोजना के अधिकारियों ने  अंतिम चरणों का कामों की समीक्षा कर रिपोर्ट सौंप दी है। इस प्रक्सप्रेस वे 99 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। जो कार्य बचा है। उसे उद्घाटन से पूर्व होने की उम्मीद की जा रही है।  गंगा एक्सप्रेस वे प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे है। इस एक्सप्रेस वे पर अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रखी गयी है। 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है गंगा एक्सप्रेसवे जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज जुदापुर दांडू गांव तक ये एक्सप्रेसवे जाएगा।  मेरठ से प्रयागराज का सफर 12 घ्ंटे के बजाय 6 घंटे में पूरा होगा। 

कई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से भी जुड़कर ये एक्सप्रेसवे यूपी से लेकर अन्य पड़ोसी राज्यों के लिए बड़ा रोड नेटवर्क तैयार करेगा।मेरठ प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। इससे नोएडा एयरपोर्ट, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा तक पहुंच और आसान हो जाएगी।इसे 90 किमी के फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे को भी इससे कनेक्ट किया जाएगा। इसे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रसे-वेसे भी लिंक किया जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी बनाया जा रहा है। जिससे लाखों रोजगार पैदा होंगे। एक्सप्रेस वे से सबंधित जिलों के प्राधिकरण ने जमीन एक्वायर की है।  

12 जिलों से गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 13 जिले जुड़ेंगे। गंगा एक्सप्रेसवे का पहला खंड 129 किलोमीटर का मेरठ से बदायूं तक फैला है। इसके सिंभावली ब्लॉक का भी लगभग पूरा हो चुका है।

पांच जगहों पर उतर सकेंगे फाइटर जेट

गंगा एक्सप्रेसवे पर पांच ऐसी रणनीतिक लोकेशन बनाई गई हैं। जहां जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमान की लैंडिंग भी कराई जा सकती है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर राफेल, सुखोई और जगुआर जैसे फाइटर जेट उतरने लायक जगहें बनाई गई हैं। शाहजहांपुर में एयरस्ट्रिप बनाई गई है। गंगा नदी पर 960 मीटर लंबा पुल और रामगंगा पर 720 मीटर लंबा पुल बनाया गया है। 

नोएडा एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

यूपी के लगभग हर शहर की नोएडा एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी होगी। इसमें गंगा एक्सप्रेसवे को नोएडा एयरपोर्ट से लिंक एक्सप्रेसवे के जरिये जोड़ा जाएगा। 74 किलोमीटर का ये लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा और बुलंदशहर के 56 गांवों से गुजरते हुए जेवर एयरपोर्ट तक जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे पर करीब 4 हजार करोड़ की लागत आएगी और यह वेस्ट यूपी में बेहतर कनेक्टिविटी का एक और रास्ता होगा  यूपिडा के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना एरिया में गंगा एक्सप्रेसवे के 44.3 किलोमीटर प्वाइंट से यमुना एक्सप्रेसवे पर 24.8 प्वाइंट  फिल्म सिटी को जोड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे के 20 किमी का हिस्सा यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में होगा।  12 सौ करोड़ रुपये लागत से ये एक्सप्रेसवे बनेगा और 740 एकड़ भूमि इसके लिए अधिग्रहीत होगी। 

56 गांवों से गुजरेगा ये नया लिंक एक्सप्रेसवे

यह लिंक एक्सप्रेसवे कुल 56 गांवों की भूमि से होकर गुजरेगा।इसमें शामिल होंगे गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा के आठ गांव जेवर तहसील के तहत मेहंदीपुर बांगर, भुन्नातगा, भाईपुर ब्रह्मनान, म्याना, रबूपुरा, फाजिलपुर, कल्लूपुरा हैं. जबकि बुलंदशहर के 48 गांव की जमीन का लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण होगा।


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