पुलिस ने आठ महीने में 2260 मोबाइल कराए ब्लाक, दस करोड़ वापस दिलाए
-प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्रदर्शित संदिग्ध 761 मोबाइल नंबरों पर भी कार्रवाई की
-NCRP पोर्टल के आने वाली शिकायतों के आधार पर लिया गया एक्शन
मेरठ,। साइबर ठगी के शिकार हो रहे लोगों की मदद के लिए पुलिस लगातार साइबर अपराधियों पर वार कर रही है और लोगों को जागरूक भी कर रही, ताकि वह साइबर ठगों जाल में ना फंस सके। लालच में आकर लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं, लेकिन पुलिस अपना काम कर रही है। पिछले आठ महीनों में पुलिस ने साइबर अपराधियों पर वार किया और उनके 2260 मोबाइल नंबरों को ब्लाक कराया और प्रतिबिंब पोर्टल पर प्रदर्शित संदिग्ध 761 मोबाइल नंबरों पर भी कार्रवाई की। इतना ही नहीं रेंज के चारों जिलों के थानों गठित साइबर हेल्प डेस्क ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर साइबर ठगों के खाते सीज कराकर दस करोड़ की धनराशि भी वापस कराई।
डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने बताया, साइबर अपराध को रोकने के लिए रेंज के चारों जिलें मेरठ, बागपत, हापुड़ व बुलंदशहर के हर थाने में साइबर हेल्प गठित है। इसके अलावा NCRP पोर्टल के आने वाली शिकायतों पर भी साइबर हेल्प डेस्क कार्रवाई करती है। उन्होंने बताया, NCRP पोर्टल पर पंजीकृत शिकायतों, एफआईआर, मोबाइल, IMEI ब्लॉकिंग तथा म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा भी समय-समय पर की जाती है, ताकि साइबर ठगी की घटनाओं पर अंकुश लग सके और पीड़ितों की मदद हो सके। उन्होंने बताया, एक अप्रैल से लेकर सात दिसंबर 2025 तक की साइबर अपराधों की समीक्षा की गई को शुरुआती दौर में परिणाम सुखद मिले और चारों जिलों की पुलिस ने इस दिशा में अच्छा काम किया और साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों के लिए चारों जिलों में साइबर जागरूकता के लिए 1814 अभियान चलाए गए, ताकि वह साइबर ठगी से बचे सके। उन्होंने आम जनमानस अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल NCRP पोर्टल (www.cybercrime.gov.in), हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराए या फिर संबंधित थाने में जाकर साइबर हेल्प डेस्क पर सूचना दे, ताकि मदद की जा सके।
किस जिले ने कितने नंबर ब्लाक कराए
-मेरठ-785
-बुलंदशहर-777
-बागपत-153
-हापुड़-286


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