1468 दुकानों पर ध्वस्तीकरण का खतरा
व्यापारी सोशल मीडिया पर रोज़ी-रोटी बचाने को सरकार से गुहार
मेरठ। शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में 1468 दुकानों पर ध्वस्तीकरण का खतरा मंडरा रहा है। अपनी रोज़ी-रोटी बचाने के लिए व्यापारियों ने एक व्यापक सोशल मीडिया जन-जागरूकता मुहिम शुरू की है। इस मुहिम के तहत व्यापारी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राहत की गुहार लगा रहे हैं।
संकट सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उत्पन्न हुआ है। 26 अक्टूबर को शास्त्री नगर स्थित भवन संख्या 661/6 में बने एक व्यावसायिक परिसर को ध्वस्त किया गया था। इसके बाद अवैध निर्माण हटाने के आदेशों से शहर के कई बाजारों पर संकट गहरा गया है। आवास एवं विकास परिषद के सर्वे में 1468 ऐसे भवन चिन्हित किए गए हैं, जहां व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, जिससे लगभग 4000 दुकानों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
1 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दो माह के भीतर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के निर्देश मिलने से व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि, कैंट विधायक अमित अग्रवाल की पहल पर इन बाजारों को 'स्टेट मार्केट' घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होने से व्यापारियों में कुछ आशा जगी है। व्यापारी इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा कर रहे हैं।
'व्यापार बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले शुरू की गई इस मुहिम में व्यापारी, उनके परिजन, रिश्तेदार और स्टाफ फेसबुक व इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एकजुट होकर अपनी पीड़ा साझा कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य एक लाख से अधिक पोस्ट के माध्यम से यह बताना है कि यह संकट केवल दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
सेंट्रल मार्केट के महामंत्री और व्यापार बचाओ संघर्ष समिति के मीडिया प्रवक्ता निमित्त जैन ने बताया कि 1 दिसंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मेरठ की 1468 दुकानों पर संकट है, जिससे हजारों परिवारों की रोज़ी-रोटी खत्म होने का खतरा है। व्यापारियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्या को समझकर कोई सकारात्मक और व्यावहारिक समाधान निकालेगी, जिससे वर्षों से चले आ रहे व्यापार और हजारों परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राहत और नई नीति में संशोधन की मांग कर रहे हैं।


No comments:
Post a Comment