सोल्जर बोर्ड ने महावीर चक्र से सम्मानित मेजर श्यामल देव गोस्वामी को किया याद
मेरठ। सोल्जर बोर्ड मेरठ में मेजर श्यामल देव गोस्वामी महावीर चक से सम्मानित 1962 के भारत, चीन युद्ध के बहादुर सैनिक की प्रतिमा पर एक छोटे और गारिमामय समारोह में माल्यार्पण किया गया।
आयोजन वीर सैनिकों की याद में और शौर्य को सम्मानित करने के लिए सोल्जर बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा किया गया। जिसमें विशेष रूप से वीर नारियों और संविदा कर्मियों ने भाग लिया। मेजर गोस्वामी मेरठ निवासी थे। जिनका नाम चुपुल की लड़ाई में उनके असाधारण साहस के कारण अमर हो चुका है। वे युद्ध के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए और अपनी बहादुरी के कारण महावीर चक से सम्मानित हुए। उनकी इस बहादुरी को स्मरण करने और देशभक्ति की भावना को प्रेरित करने का यह छोटा पर प्रभावशाली कार्यकम संपन्न हुआ। सोल्जर बोर्ड मेरठ ने पिछले पांच वर्षों में कप्तान (आई एन) राकेश शुक्ला एक नौसेनिक पूर्व सैनिक के नेतृत्व में मेरठ की आश्रित सेवानिवृत्त सैनिक समुदाय भूतपूर्व सैनिक कम्युनिटी को उचित सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। इस समुदाय की सेवा और सम्मान में निरंतर काम करते हुए बोर्ड ने उनके जुझारू इतिहास और योगदान को उजागर करने का संकल्प लिया है। यह समारोह सादगी और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ।
मेजर श्यामदेव गोस्वामी महावीर चक की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के उपरांत अलंकृत वाटिका जो सैनिक बोर्ड से सटी हुई है, में उपस्थित सभी वीर सैनिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन (आई एन) राकेश शुक्ल ने लक्ष्मीकांत बाजपेयी सांसद (राज्य सभा) को अलंकृत वाटीका के पुनरुद्धार में उनके अभूतपूर्व तथा अतुलनीय योगदान के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया। यह वाटिका एक समय अत्यंत उपेक्षित एवं जर्जर अवस्था में थी। तत्कालीन एमडीए वीसी अभिषेक पांडेय द्वारा किए गए विशेष प्रयासों से इस वाटिका का कायाकल्प हुआ जो आज शहीदों के सम्मान में गर्व से खड़ी है।जिसका उद्देश्य देशभक्ति के इस अमूल्य आर्दश को सभी के दिलों में संजोना था। सोल्जर बोर्ड के इस प्रयास से मेरठ के सैनिक समुदाय को उनकी गरिमा और गौरव पुनः प्राप्त हुआ है।


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