नगर निगम कार्यकारिणी का चुनाव निरस्त

वोटों की काउंटिंग में हंगामा,बीजेपी  महानगर अध्यक्ष बोले- चुनाव अधिकारी ने पक्षपात किया

मेरठ।  सोमवार को दिन की गहमागहमी के बाद आखिरकार  मेरठ में नगर निगम के कार्यकारिणी का चुनाव देर रात को निरस्त कर दिया गया। अगला चुनाव कब होगा, इसकी डेट अभी तय नहीं हुई है। भाजपाइयों ने चुनाव अधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाया था। नगर आयुक्त से महापौर और महानगर अध्यक्ष ने चुनाव निरस्त करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि चुनाव अधिकारी की जांच होनी चाहिए। वह पक्षपात कर रहे हैं। उन्होंने 4 वोट बिना बताए ही निरस्त कर दिए।इसके बाद चुनाव को निरस्त कर दिया गया। चुनाव अधिकारी ने बताया कि कुछ लोग मुझ पर आरोप लगा रहे थे। इसलिए इस चुनाव को निरस्त किया गया। इससे पहले वोटों की काउंटिंग के दौरान भाजपाई आपस में भिड़ गए। जमकर हंगामा हुआ।

बीजेपी महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी की पार्षद संजय सैनी से विवाद हो गया। विवेक ने कहा- तमीज में बात करो नहीं तो ठीक कर दूंगा। पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ने के आरोप में महानगर अध्यक्ष ने संजय सैनी की सदस्यता को रद कर दिया। संजय वार्ड 50 से पार्षद हैं। बीजेपी महानगर अध्यक्ष का कहना है कि संजय ने अनुशासनहीनता की है। पार्टी द्वारा प्रत्याशी के नामों की घोषणा होने से पहले संजय ने पर्चा खरीदकर दाखिल कर दिया।हम लोगों ने उनसे पर्चा वापस लेने की बात कही थी। मगर उन्होंने अपना पर्चा वापस नहीं लिया। इसलिए उनके ऊपर ये कार्रवाई की गई है।

इससे पहले सोमवार सुबह पर्चा जमा करने को लेकर भाजपा पार्षद आपस में भिड़ गए। इसमें कुल आठ भाजपा पार्षदों ने नामांकन किया। इसके बाद पार्षद संजय सैनी के पर्चे के वैरिफिकेशन को लेकर विवाद हो गया। क्योंकि वह देर से पहुंचे थे।बैलेट पेपर न देने पर राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेई ने फटकार भी लगाई थी। इस दौरान उनके साथ सांसद अरुण गोविल और एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज भी थे।

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