स्टांप घोटाला

अस्पताल को रिहायशी भवन दर्शाकर खेल कर  करोड़ो का राजस्व चोरी 

स्टाॅम्प शुल्क की कीमत करोड़ों से घटकर केवल 5 हजार ही रह गई

मेरठ। सम्पत्ति की खरीद फरोख्त के लिए सगे रिश्तेदार यानि खून का रिश्ता होने के बाद मिल रही छूट का अब दुरूपयोग भी होने लगा है। जिसमें करोड़ों के स्टाम्प शुल्क की चोरी की जा रही है। ऐसा ही एक मामला शास्त्रीनगर के एल ब्लाॅक का देखने को मिला। जिसमें अस्पताल को रिहायशी भवन दर्शाकर खेल कर राजस्व को भारी चूना लगाया गया है।



बता दें कि शास्त्रीनगर एल ब्लाॅक स्थित जगदम्बा हास्पिटल का बैनामा रजिस्ट्री कार्यालय में भवन दर्शाकर करोड़ों के स्टाॅम्प चोरी की गई है। सरकार को चूना लगाने का मामला यहीं नहीं रूकता बल्कि इसे रिहायशी दर्शाकर गिफ्ट डीड कर दिया गया। जिससे स्टाॅम्प शुल्क की कीमत करोड़ों से घटकर केवल 5 हजार ही रह गई। 18 जनवरी 2025 को कराए गए बैनामे में प्रथम पक्ष योगेन्द्र कुमार व अन्य हैं तथा दूसरी पार्टी के रूप में रविन्द्र कुमार हैं। बैनामा कराने के बाद ये मामला आवास एवं विकास परिषद तक पहुंच गया है  जहां फ्री होल्ड लेकर आवंटन में नामांकन परिवर्तन किया जा रहा है। गौर करने वाली बात है कि रजिस्ट्री कार्यालय में दिए गए गूगल कैमरे के फोटो किसी अन्य भवन के हैं जबकि मौके पर जगदम्बा अस्पताल है जिसे मेरठ का चर्चित अस्पताल के रूप में भी जाना जाता है। 

नामांकन के लिए निर्माण आवासीय होना जरूरी

शास्त्रीनगर की योजना संख्या-3 के भखण्ड संख्या एल-621 पर बने जगदम्बा अस्पताल आवास विकास परिषद में अवासीय प्लाॅट है, जहां अवैध कमर्शियल निर्माण कर अस्पताल बनाया गया। ऐसे में बैनामे में खेल कर आवंटन में नाम परिवर्तन कराना नियम विरूद्ध है। नामांतरण के लिए पहले निर्माण को आवासीय बनाना होगा तब ही आवंटी का नाम परिवर्तन किया जाना संभव है।

 बोले अधिकारी 

  अगर ऐसा हुआ है तो संबधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाही की जाएगी। कार्मिशियल का  स्टांप शुल्क वसूल किया  जाएगा । डीएम से शिकायत की जाएगी। 

 बोबिन कुमार , उप निबंधन सदर द्वितीय 

 


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