कल से  शोभित विवि में जुटेंगे भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़े देश के प्रख्यात विद्वान

मेरठ। शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), मेरठ, भारतीय ज्ञान प्रणाली  के संवर्धन और उसके समकालीन अनुप्रयोग के क्षेत्र में अपने निरंतर प्रयासों के अंतर्गत 14–15 नवम्बर 2025 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। सम्मेलन का विषय है — “वैदिक दृष्टिकोण से भारतीय ज्ञान के समकालीन अनुप्रयोग और विस्तृत क्षितिज।”

यह सम्मेलन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) एवं राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान (ANRF) द्वारा समर्थित है, जो शोभित विश्वविद्यालय की अकादमिक साख और भारतीय बौद्धिक विरासत को पुनर्स्थापित करने की दिशा में इसके सतत योगदान का प्रमाण है। विश्वविद्यालय लंबे समय से भारतीय ज्ञान प्रणाली, योग, आयुर्वेद, वैदिक अध्ययन, नीति-शास्त्र, शिक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में शोध, प्रशिक्षण एवं नवाचार को प्रोत्साहित कर रहा है।

कुलपति प्रो. (डॉ.) वी. के. त्यागी ने कहा कि शोभित विश्वविद्यालय ने IKS को अपने अकादमिक ढांचे में एकीकृत करते हुए, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए वैदिक व पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ने की दिशा में अनेक पहल की हैं। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन उन प्रयासों का विस्तार है, जो भारतीय चिंतन को वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक बनाने की दिशा में कार्यरत हैं।

प्रति कुलपति प्रो. (डॉ.) जयानंद ने कहा कि यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप है, जो पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर बल देती है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में IKS विषय पर नियमित कार्यशालाएँ, शोध परियोजनाएँ, वैदिक अध्ययन सत्र और नवाचारोन्मुख कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे युवा पीढ़ी भारत की प्राचीन बौद्धिक परंपरा से प्रेरणा ले सके।

सम्मेलन को ओडिशा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। चयनित शोध-पत्रों को सम्मेलन सत्रों में प्रस्तुत किया जाएगा तथा उन्हें “बुक ऑफ एब्स्ट्रैक्ट्स” और “कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग्स” में प्रकाशित किया जाएगा।

इस दो दिवसीय सम्मेलन में शिक्षा एवं शिक्षण शास्त्र, विधि एवं शासन, योग एवं ध्यान, आयुर्वेद एवं समग्र स्वास्थ्य तथा भारतीय ज्ञान द्वारा सतत विकास जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। सम्मेलन के साथ आयोजित स्वदेशी मेला में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, हर्बल उपचार और जैविक जीवनशैली से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिससे प्रतिभागियों को भारत की समग्र स्वास्थ्य परंपरा का अनुभव मिलेगा।

शोभित विश्वविद्यालय के लिए यह आयोजन भारतीय ज्ञान प्रणाली के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और सशक्त करने का अवसर है। यह सम्मेलन भारत की प्राचीन बौद्धिक धरोहर को आधुनिक संदर्भों में पुनः खोजने और सतत विकास तथा मानव कल्याण के लिए उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

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