हत्या के छह दोषियों को आजीवन कारावास
परतापुर पुलिस की प्रभावी पैरवी, 24 अप्रैल 2023 को हुई थी आमिर की हत्या
मेरठ। 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत परतापुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एडीजे-13 देवदत्त की अदालत ने हत्या के एक गंभीर मामले में छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला परतापुर पुलिस और मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी का नतीजा है।
यह घटना 24 अप्रैल 2023 को हुई थी। सौलाना निवासी मोहसीन ने अपने भाई आमिर की गोली मारकर हत्या किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में हुमायु पुत्र मारुफ, आबाद पुत्र साजिद, आफाक पुत्र साजिद, शाहरुख पुत्र हाफिज, अफजाल पुत्र अखलाख और औरंगजेब पुत्र तैमूर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
जांच के अनुसार, सौलाना गांव निवासी आमिर पुत्र इसरार भूसे की बुग्गी लेकर अपने घर जा रहा था। इसी दौरान बाइक पर गांव के आफाक और हुमायूं भी थे। रास्ते में साइड देने को लेकर आफाक का आमिर से विवाद हो गया। दोनों के बीच गाली-गलौज हुई, जिसके बाद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।
आरोप है कि इस प्रारंभिक विवाद के बाद आफाक ने हुमायूं, औरंगजेब, शाहरुख और अन्य साथियों के साथ मिलकर आमिर के घर पर हमला कर दिया। हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और धारदार हथियारों से भी हमला किया। आरोपियों ने आमिर को घेरकर उसके गले में गोली मार दी। बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई मोहसीन को भी बेरहमी से पीटा गया और परिवार की महिलाओं पर भी हमला किया गया था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाए और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद परतापुर पुलिस, शासकीय अधिवक्ता मोहित गुप्ता, आरक्षी पैरोकार पंकज कुमार और कोर्ट मोहरिर राजेंद्र सिंह ने मुकदमे में लगातार प्रभावी पैरवी की। महत्वपूर्ण साक्ष्यों और गवाहों को समय पर अदालत के सामने पेश किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह फैसला आया।


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