सौरभ हत्याकांड
कोर्ट में कैब चालक अजब सिंह की पेशी हुई ,बोला मेरी गाड़ी से गये थे उत्तराखंड
मेरठ। सौरभ हत्याकांड में जेल की सलाखों में बाद मुस्कान व साहिल के मामले में मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार चालक को बयान देने के लिए बुलाया गया। कैब चालक अजब सिंह ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराते हुए कहा कि साहब मुस्कान व साहिल उसकी कार से उत्तराखंड गये थे। कैब चालक दौनों को देखकर चौक गया। दोनो की सेहत पहले से तंदरूस्त हो गयी है। जज ने सुनवाई की अगली तारीख 21 नवंबर तय की है। इस दिन कैब ड्राइवर से जिरह होगी। साहिल-मुस्कान के वकील ड्राइवर से सवाल-जवाब करेंगे।
मंगलवार को जिला जज अनुपम कुमार की अदालत में कैब ड्राइवर अजब सिंह बयान दर्ज कराने पहुंचे। कैब ड्राइवर के बयान दर्ज होने के बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आरोपी साहिल-मुस्कान से आमना-सामना कराया गया। आरोपियों को देखते ही ड्राइवर ने दोनों को पहचान लिया। उसने बताया कि पहले दोनों काफी अलग दिखते थे, लेकिन अब बदल गए हैं। ये दोनों वही लड़का-लड़की हैं, जिन्हें मैं उत्तराखंड व हिमाचल लेकर गया था। घूमने के दौरान दोनों ने शॉपिंग की। शिमला के एक मंदिर में दोनों ने शादी की। वहां के होटलों में होने वाली पार्टियों में ड्रिंक लेकर डांस करते थे। अब दोनों काफी बदल गए हैं।
हादसे को लेकर सवाल पूछे। मुस्कान-साहिल ने कब और कैसे कैब को बुक किया था? कहां से दोनों कैब में सवार हुए। मेरठ से निकलने के बाद वह पहले कहां गए? इसके बाद-बाद कहां-कहां कितने दिन घूमे? किस शहर में किस स्थान पर किस होटल में कितने दिन या कितने वक्त तक रुके? कौन-कौन से होटल-रेस्टोरेंट में खाया-पीया? कब वहां से निकले और कब मेरठ पहुंचे? ऐसे कई सवाल पूछे।ड्राइवर अजब सिंह ने बताया, मुझे कंपनी से बुकिंग मिली थी। मैंने दोनों को दिल्ली चुंगी से पिक किया था। पुलिस के पास इस यात्रा से जुड़ी कई जगहों की सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद हैं।उसने बताया कि हत्या के बाद दोनों आरोपी 14 दिनों तक मसूरी, कसौली और शिमला में घूमे थे। उनके चेहरे पर कोई शिकन या पछतावा नहीं था। दोनों एक-दूसरे के साथ बहुत खुश थे।
वकील विजय बहादुर सिंह ने बताया कि डिफेंस काउंसिल रेखा जैन ने मामले में समय लिया है। अब 21 नवंबर को जिरह होगी।इस मामले में अब तक कुल 12 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। इनमें मृतक सौरभ के भाई बबलू राजपूत, मां रेणु देवी, चाकू बेचने वाला दुकानदार, ड्रम विक्रेता, मेडिकल स्टोर संचालक, डॉक्टर, सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार और डॉ. दिनेश सिंह जैसे प्रमुख गवाह शामिल हैं।


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