बाइक पर सवार होकर सड़कों पर निकले राज्य सभा सांसद डा. वाजपेयी
मेरठ। भाजपा के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी गुरुवार को टू व्हीलर की सवारी करते नजर आए। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी कार्यकर्ता के साथ स्कूटी पर आए और बाइक पर ही कार्यकर्ता के साथ वापस गए। उनके जमीन से जुड़े इस अंदाज को देखकर सभी प्रभावित हुए। बातचीत में सांसद ने कहा कि कार्यकर्ता का वाहन उपलब्ध हो तो उस पर ही चलना चाहिए।
कार्यकर्ता और नेता का संबंध मजबूत होता है। लक्ष्मीकांत वाजपेयी भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। 2014 में भाजपा ने जब यूपी में बहुमत हासिल किया था तब प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ही थे। तब वाराणसी सीट से पहली बार नरेंद्र मोदी ने चुनाव लड़ा जीते और देश के प्रधानमंत्री बने थे।
जब लक्ष्मीकांत वाजपेयी स्कूटी और बाइक से आते-जाते दिखे तो उनको रोककर सवाल पूछना शुरू कर दिया। डॉ. वाजपेयी से कहा कि सांसद स्कूटर बदल दिया। इस पर वाजपेयी ने कहा कि स्कूटर नहीं बदल दिया, स्कूटर है, अपने पास लेकिन जब कार्यकर्ता का वाहन उपलब्ध हो तो उस पर ही चलना चाहिए। ऐसा करने से कम से कम कार्यकर्ता को इस बात का श्रेय हासिल होगा कि मेरा नेता, मेरा बड़ा साथी मेरे साथ जाएगा। वो मेरे साथ है और रहेगा।
6 स्कूटर बदले सभी का नंबर नौ दो ग्यारह
भाजपा सांसद ने कहा कि मेरे पास वो पुराना स्कूटर अभी है। उसका नंबर 9211 है। आगे कहा कि मैंने अब तक के जीवन में 6 स्कूटर बदले हैं। सभी का नंबर 9211 है। भले इनको मैंने 6 महीने के अंतराल में बदला हो। लेकिन स्कूटर की सवारी हमेशा रहेगी।
मनोज सिन्हा से मिलने स्कूटी पर पहुंचे थे
11 सितंबर 2022 में लक्ष्मीकांत वाजपेयी मेरठ सर्किट हाउस में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मिलने पहुंचे थे। उस दिन भी वो स्कूटी से मनोज सिन्हा से मिलने गए। उनको स्कूटी पर देखकर सर्किट हाउस में तैनात पुलिसकर्मी उनको पहचान नहीं पाए। उन्हें गेट पर ही रोक दिया। तब लक्ष्मीकांत वाजपेयी की काफी झड़प हुई थी।
उन्होंने कहा कि मैं ट्रांसफर नहीं कराता छाती पर पैर रखकर नाचता हूं। मैं कबड्डी खेलने का आदी हूं। ये मेरठ है ये रावण की ससुराल है इसे मयदंत का खेड़ा कहते हैं। बड़े तीस मार खां आए और चले गए। इनको गाड़ी वाले सांसद पसंद हैं, क्योंकि वह माल खाते हैं और खिलाते हैं. हम न तो माल खिलाते हैं. हम न ही पैसे लेते हैं और न ही देते हैं.'' तब लक्ष्मीकांत वहीं सर्किट हाउस में स्कूटर खड़ा करके प्रदर्शन करने बैठ गए थे। बाद में सीनियर अफसर उनको मनाने पहुंचे किसी तरह उन्हें शांत किया। 2022 में लक्ष्मीकांत वाजपेयी झारखंड प्रभारी और राज्यसभा सांसद थे।


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