सम्राट मिहिर भोज प्रकरण.. गिरफ्तारी के विरोध में हंगामा, प्रदर्शन

समाज के लोगों से ज्ञापन लेकर अधिकारियों तक बात पहुंचाने का दिया आश्वासन 

 मेरठ।  सम्राट मिहिर भोज प्रकरण मामले में एक समाज के लोगों की गिरफ्तारी को लेकर राजनीति आरंभ हो गयी है। बुधवार को एक समाज के लोग मेरठ मे एकत्र हुए जिसमें लोनी के विधायक नंदकिशोर भी शामिल थे। किसी प्रकार का हंगामा होने से बचने के लिए पुलिस ने चाँकचौबंद व्यवस्था की हुई। जिस पर साकेत कॉ़परेटिव सोसाईटी में एक समाज की बैठक की गयी। जिसमें समाज के लोग एकत्र हुए किसी तरह समाज के लोग आगे न बढ़ सके। एडीएम सिटी ब्रिजेशसिंह व एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह समाज के लोगों को मनाने मे जुटे रहे। समाज के लोगों ने ज्ञापन देते हुए उनके समाज के लोगों को छोड़‍ने की मांग की। तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। 



दादरी महापंचायत में 17 लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में  एक बिरादरी के लोगों ने जमकर हंगामा किया। सुबह करीब 11 बजे विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। भीड़ जेल की तरफ जाने लगी।  सूचना मिलते ही जनपद के चार थानों की पुलिस को मुस्तैद कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग थी कि जेल भेजे गए 17 लोगों को छोड़ा जाए। वहीं जेल में बंद लोगों के आमरण अनशन की भी बात सामने आ रही है।  

सरधना विधायक अतुल प्रधान ने जेल में बंद लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा- शासन और प्रशासन को जल्द ही उनकी रिहाई करनी चाहिए। लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर  भी मेरठ पहुंचे। उन्होंने एडीजी से मुलाकात की। कहा- दादरी महापंचायत में हंगामा, पथराव करने वाले बाहरी और मुस्लिम लोग थे। सपा, कांग्रेस सभी विरोधी हैं। ये प्रदेश में दंगे कराने की साजिश रच रहे हैं। एक समाज ने 21 सितंबर को दादरी के मंडौरा में महापंचायत बुलाई थी। इसमें मेरठ सहित सहारनपुर, नोएडा, मुजफ्फरनगर से लेकर पश्चिमी यूपी के आसपास के जिलों के गुर्जर नेता पहुंचे थे। 



पंचायत में  एक समाज  के हक, टिकटों में भागीदारी जैसे तमाम मुद्दों पर बातचीत होना तय थी। लेकिन पंचायत शुरू होते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और लोगों को अरेस्ट करना शुरू कर दिया। मौके पर पुलिस ने लोगों को डंडा लेकर खदेड़ा, इससे लोग भड़क गए। पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। इलाके में फोर्स बढ़ा दी गई है। पूरे मामले में 22 लोगों को पुलिस लाइन ले जाया गया। इसमें 5 को छोड़ दिया गया। जबकि 17 लोगों को जेल भेज दिया गया। इसमें आसपा के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी सहित अन्य 16 लोग हैं।  एडीएम सिटी ने कहा कि इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों से बात की जा रही है। वहीं एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार सिंह ने ज्ञापन लेकर उच्चाधिकारियों से वार्ता करने की बात    कही।

  कमिश्नरी से लेकर सपा कार्यालय तक रही फोर्स तैनात 

एक समाज के लोगों की प्रदर्शन की सुचना पर बुधवार की सुबह दस बजे से कमिश्नरी पार्क , मवाना चौराहा, सपा कार्यालय जेल चुंगी चौराहे पर पुलिस के साथ आरआरएफ को तैनात कर  दिया गया। किसीभी हालत में पुलिस प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शकारियों को प्रदर्शन रोकना चाहते थे। एडीजी से लेकर डीआईजी व एससपी लगातार मॉनिटरिंग करते नजर आए।। पल -पल की जानकारी मुख्यालय तक भेजी जाती रही। 

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