एक कॉल ने छिन ली दंपत्ति की जिंदगी 

निंलबन की कॅाल आते ही आरएएफ के जवान ने उठाया ऐसा कदम ...

मेरठ। कंकरखेड़ा के गणपति विहार में आरएएफ की अंबाला बटालियन मे तैनात एक जवान ने कभी सपने में भी सोचा होगा । उसे एक कॉल पर ऐसा कदम उठाना पड़ेगा। अब मात्र उनकी बेटी  व बेटा ही रह गये है। जो पति द्वारा उठाए गये कदम से अपने माता पिता का खो चुके है। सौभाग्य से किसी तरह चिकित्सकों ने उसे बचा लिया। 

 कंकरखेडा के गणपति विहार में  केशपाल अपनी पत्नी प्रियंका व बेटी नव्या के साथ रह रहा था। उसकी वर्तमान में तैनाती अंबाला में भी वह छुटटी पर घ्रर पर आया हुआ था। रविवार की सुबह उसके मोबाइल एक कॉल आयी जिससे वह विचलित हो गया। इस पर उसने ऐसे कदम उठा डाला जिससे उसकी व उसकी पत्नी की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गयी। मात्र बेटी नव्या ही बची है। 

 अस्पताल में भर्ती बेटी का आरोप है कि  आरएएफ की महिला अधिकारी पिता को टॉर्चर करती थी। सस्पेंड करने की धमकी देती थी।इससे परेशान होकर रविवार को  पिता जवान केशपाल ने मम्मी और उसके के साथ जहर खा लिया। फिर भाई महेश पाल को फोन कर कहा- हम लोगों ने जहर खा लिया है। मेरी हालत खराब है। प्रियंका और नव्या को बचा लो। यह सुनते ही महेश पाल बागपत से मेरठ पहुंचे, लेकिन उन्हें कार चलानी नहीं आती थी।पिता खुद कार ड्राइव कर परिवार को आनंद अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनकी मौत हो गई। जबकि देर रात पत्नी प्रियंका ने दम तोड़ दिया। घटना के वक्त 11 साल का विवान घर के बाहर खेल रहा था। उसने जहर नहीं खाया था।


 

नव्या ने बताया  पापा ने बताया था कि उनकी हेड गुरमीत उन्हें बहुत टॉर्चर करती है। वह अंबाला ऑफिस में बैठती है। वो पापा को धमकी देती थी- तुम्हारी बेटी को उठवा लेंगे, उसे जेल भिजवा देंगे। तुम्हारा पूरा परिवार जेल में सड़ेगा। तुम्हारे पास कुछ नहीं बचेगा। तुम्हें पूरी तरह बर्बाद कर दूंगी।नव्या ने कहा कि हमें नहीं पता कि वो ये सब क्यों कहती थी, लेकिन उनकी बातों के कारण पापा बहुत तनाव में रहते थे। मेरे पापा को उन्होंने डिसमिस (निलंबित) कर दिया था। पापा के अलावा और भी कई लोगों को वो डिसमिस कर चुकी है।

नव्या कहती है- मेरे पापा बहुत अच्छे थे। हमेशा ईमानदारी से ड्यूटी की, लेकिन उनकी हेड ने इतना मेंटली टॉर्चर किया कि पापा टेंशन झेल नहीं पाए। उन धमकियों और तनाव के आगे टूट गए। उन्हें सुसाइड के अलावा दूसरा रास्ता नहीं मिला। अब हम भाई-बहन कहां जाएंगे? अब हमारे पापा कहां से आएंगे?

पुलिस सूत्रों ने बताया कि रविवार को केशपाल छुट्‌टी पर घर आए थे। उनके पहुंचने की कुछ देर बाद ही उनके निलंबन की कॉल आ गई। इससे वह परेशान हो गए। उन्होंने पत्नी और बेटी के साथ जहर खा लिया। हालांकि, इस पूरे मामले में कोई भी अधिकारी अभी कुछ नहीं कर रहा है।

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया- वर्तमान में अंबाला के शंभू बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। वहीं, केशपाल की ड्यूटी थी। दो दिन पहले ही वे छु‌ट्टी पर आए थे। बेटी की हालत अब स्थिर है। परिवार जो आरोप लगा रहे हैं, उसकी भी जांच की जा रही है। अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।




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