महिला अधिकारी के उत्पीड़न से परेशान होकर आरएएफ जवान ने दी जान
पत्नी व बेटी के साथ किया जहरीले पदार्थ का सेवन ,पत्नी की हालात नाजुक ,बेटी की स्थिति में सुधार
मेरठ। रविवार को थाना कंकरखेडा क्षेत्र गणपति विहार में में आरएएफ के जवान ने विभाग की महिला अधिकारी के उत्पीड़न से परेशान होकर पत्नी व बेटी के साथ जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। जिसमें आरएएफ की जवान की मौत हो गयी। जबकि जवान की पत्नी जिंदगी और मौत से अस्पताल में झूल रही है। बेटी की हालात में सुधार है। जवान की मौत से आरएएफ विभाग में हडकंप मचा हुआ है। अधिकारी जांच पड़ताल करने में जुटे है।
आरएएफ अंबाला में तैनात केशव पाल अपने परिवार के साथ कंकरखेड़ा क्षेत्र के गणपति विहार में रहता था। उसकी एक बेटी नव्या व पत्नी प्रियंका साथ रहती थी। केशव की पहले मेरठ की आरएएफ बटालियन में तैनाती थी। जानकारी के अनुसार सुबह के समय आरएएफ जवान केशव पाल ने पत्नी प्रियंका व बेटी नव्या समेत जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। सेवन करने पहले केशव पाल ने अपने भाई नरेश पाल को जहर के सेवन की जानकारी देते हुए कहा तीनों ने जहर खा लिया है।
आनन फानन भाई नरेश पाल कार से अपने भाई के आवास पर पहुंचे। तीनों को लेकर कैलाशी अस्पताल में पहुंचा। चिकित्सकों द्वारा आईसीयू बेड खाली न होने की बात कह कर भर्ती करने से मना कर दिया। जिस पर तीनों को कार से लेकर गढ़ रोड़ आंनद होस्पिटल लेकर पहुृंचा। वहां पर पहुंचने के बाद केशव पाल की उपचार के दौरान मौत हो गयी। जब कि मृतक केशव पाल की पत्नी की हालत चिंताजनक बनी हुई है। बेटी नव्या की हालत में सुधार हो रहा है।
अस्पताल में भर्ती बेटी नव्या ने बताया पिता आरएएफ में नौकरी करते है। वर्तमान में उनकी तैनाती अंबाला में थी । बताया कि पिता की एक महिला अफसर है, जो उनको बहुत उत्पीड़न करती है।उसने पापा का मिसयूज किया। उनके साथ और भी कई लोगों को बर्खास्त करवा दिया । उसने आरोप लगाया कि पापा को मजबूर किया कि हम सब सुसाइड करें। वो पापा को धमकी दे रही थी कि तेरी बेटी को 36 घंटे के लिए जेल में डलवा दूंगी। तू भी जेल में सड़ेगा। तुम सब के सब जेल में सड़ोगे, तुम कहीं के नहीं बचोगे। तुम्हारी स्कूटी और घर सब लुट जाएगा। तुम कंगाल हो जाओगे, तुम्हारे पास कुछ नहीं बचेगा।
मृतक के भाई नरेशपाल ने बताया भाई केशवपाल कंकरखेड़ा के गणपति विहार में पत्नी प्रिंयका, बेटी नव्या और छोटे बेटे किट्टू के साथ रहता था।वह परिवार के साथ गांव में रहता है, वहीं खेती करता है। सुबह करीब 9.30 बजे उसके पास भाई का फोन आया कि हम तीनों ने जहर खा लिया है, अब हम नहीं बचेंगे। तुम मेरे छोटे बेटे किट्टू का ख्याल रखना, इसको पाल लेना।नरेशपाल ने बताया कि पहले भाई यहीं आरएएफ मेरठ में तैनात था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उसकी पोस्टिंग अंबाला में थी। भाई अंबाला से ही आया था, आज उसे वापस ड्यूटी पर जाना था।पता नहीं सुबह ऐसा क्या हुआ कि वह ड्यूटी पर जाने की जगह ये गलत कदम उठा बैठा। भाई ने कहा था कि कोई घरेलू झगड़ा नहीं था। उसका ऑफिस स्टाफ का ही कोई मैटर था।नेशपाल ने बतायाकेशपाल ने आखिरी बार यही कहा था कि उसने कोई गलत काम नहीं किया। हम दो ही भाई थे। वह तो मजदूर हूं, मेरा भाई भी चला गया। वो ड्यूटी करके अपना परिवार चला रहा था। वह गांव में खेती-मजदूरी करता था। उसने बार-बार यही कहा कि वो गलत नहीं है।
जब जवान केशपाल और उसकी फैमिली को कैलाशी अस्पताल लाया गया, तो यहां कहा गया कि आईसीयू में बेड खाली नहीं है। भर्ती नहीं कर सकते। इसके बाद भाई उसी हालत में गाड़ी चलाकर आनंद अस्पताल आया। यहां तीनों को भर्ती किया गया। लेकिन, डॉक्टरों ने भाई को मृत घोषित कर दिया। उसकी बच्ची और पत्नी अभी भी गंभीर हालत में भर्ती है।
वही थाना कंकरखेडा पुलिस ने अस्पताल में पहुंचकर मृतक जवान की बेटी के बयान दर्ज किए। परिजनों से पूछताछ की। वही आरएएफ के अधिकारी भी अस्पताल में मौजूद है लेकिन वह कोई बात करने के अभी कतरा रहे है।




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