बोले-हिंदुओं को एकजुट होकर सनातन को मजबूत करना चाहिए
मेरठ।शताब्दीनगर में आयोजित शिव महापुराण के तीसरे दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने सनातन विरोधियों पर निशाना साधा। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा- जो वोट बैंक, सत्ता और धन के लालच में सनातन धर्म से दूर हो जाते हैं, वे नालायक होते हैं। जो सनातन धर्म में जन्म लेकर भी इसके विरोधी हैं, वे नालायक हैं। हर हिंदू सनातन धर्म की रक्षा करने वाले का साथ दे। हिंदू सनातन की रक्षा करने का काम करें। सनातन धर्म को मजबूत करें। परेशानी ये है कि सनातनी आपस में ही लड़ रहे हैं। ऐसे में हिंदुओं को एकजुट होकर सनातन को मजबूत करना चाहिए।
युवा पीढ़ी आधुनिकता की दौड़ में न पड़ें
कथा वाचक प्रदीप मिश्रा ने कहा- "समुंद्र में खजाना छिपा है लेकिन उसके पास भी घूमने से वह खजाना नहीं मिलेगा। जो समंदर की तलहटी में जाकर डुबकी लगाएगा खजाना उसे ही मिलेगा। शिव महापुराण कथा सुनने से शिव नहीं मिलते, शंकर को प्राप्त करने के लिए शिव महापुराण को आत्मसात करना पड़ेगा। इसको गहराई से समझना होगा।
युवा पीढ़ी आधुनिकता की दौड़ में न पड़ें। लड़के परिवार वालों की बात मानें। लड़कियां मर्यादित कपड़े पहनें। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मेरठ की धरा ऊर्जावान है। उन्होंने कहा कि अगर आपके आसपास कोई गरीब बच्चा है तो उसको शिक्षा दिलाओ। आपके आसपास कोई बीमार है तो उसका इलाज कराएं।
भगवान ने आपको पैसे दिए हैं, धनवान बनाया है तो अच्छे काम करो। अच्छे काम करने वालों पर शंकर जी की हमेशा दया दृषि रहती है। ऐसे गरीब बच्चों को पढ़ाने और मजबूर बीमार का इलाज कराने से पुण्य मिलता है। शिव को जल चढ़ाने वाला कभी बर्बाद नहीं होता। शंकर अपने दुख से दुखी नहीं हैं, वह अपने भक्तों का दुख देखकर दुखी होते हैं।"
पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि एक बार कथा में उनसे युवाओं ने पूछा कि भगवान को जन्म लेने के लिए भारत की भूमि ही क्यों मिली। भगवान भोले शंकर यहीं क्यों आए। श्रीराम ने जन्म भारत में ही क्यों लिया। महात्मा बुद्ध भी यहीं जन्में। इनका जन्म विदेशों में क्यों नहीं हुआ। इस पर उन्होंने बताया कि भारत और विदेश कि भूमि में बहुत अंतर है। विदेश में सभी दिमाग से प्यार करते हैं। हमारे यहां दिल से प्यार करते हैं। इसलिए जितने भी भगवान हुए हमारे यहीं हुए।
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