मुरादाबाद में पकड़ा जाली करेंसी का बड़ा नेटवर्क,2.74 लाख कैश बरामद हुआ
मीडियाकर्मी बनकर सप्लाई करते थे
मुरादाबाद,एजेंसी। मुरादाबाद में मीडिया फोटोग्राफर बनकर घूम रहा एक युवक जाली करेंसी का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने छापा मारकर उसके ठिकाने से करीब 2.74 लाख के नकली नोट बरामद किए हैं। जबकि 3 लाख रुपए की करेंसी वो बाजार में खपा चुका था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 3 लोगों को अरेस्ट किया है।
मुरादाबाद की मझोला पुलिस को रविवार को ये बड़ी कामयाबी मिली। एक मकान में जाली करेंसी छापे जाने की सूचना पर मझोला इंस्पेक्टर मोहित चौधरी की टीम ने जयंतीपुर में एक विधवा महिला के मकान पर छापा मारा। पुलिस ने यहां से 2.74 लाख रुपए बरामद किए।
एस सिटी रणविजय सिंह ने बताया- मौके से जाली करेंसी छापते हुए आदिल निवासी टंकी के पास जयंतीपुर को रंगेहाथ दबोच लिया। उसके दो साथी मोहम्मद नाजिम निवासी एचएस स्कूल के पास राजा का सहसपुर बिलारी और शबाब अख्तर उर्फ राहुल निवासी काले बाबा का मैदान के पास नई आबादी जयंतीपुर को भी पकड़ा है।
आदिल ने शाहिद कपूर की मूवी 'फर्जी' देखकर प्रिंटर की मदद से जाली करेंसी छापने के आइडिया पर काम शुरू किया। कई बार फेल होने के बाद वो आखिरकार इसमें कामयाब हुआ और हूबहू नोट छापने लगा।
पुलिस पूछताछ में आदिल ने बताया कि वो अभी तक करीब 3 लाख रुपए के नकली नोट बाजार में खपा चुका है। वो खुद नोट छापता था। उसके बाकी दोनों साथी नाजिम और शबाब अख्तर उर्फ राहुल नकली नोटों को गांव देहात के बाजारों में खपाने का काम करते थे।
मीडिया में घुल मिल गया था आदिल, फोटोग्राफी करता था
एसपी सिटी ने बताया- आदिल बेहद शातिर अपराधी है। अपने कारनामों पर पर्दा डालने के लिए उसने मीडिया जॉइन कर ली। पिछले दो सालों में वो प्रेस फोटोग्राफर की तरह काम करने लगा था। कुछ मीडिया वालों काे फोटो उपलब्ध कराकर उनका साथ पकड़ लिया था।
उसकी स्ट्रैटजी ये थी कि या तो वो अपने अड्डे पर जाली करेंसी छापता था या फिर बाकी वक्त में मीडिया के बीच घुला-मिला रहता था। यहां तक कि उसने इस बीच परोक्ष रूप से कुछ अखबारों के लिए भी काम करना शुरू कर दिया था। वो मीडिया में मुख्य धारा में शामिल होने की कोशिशों में जुटा था। यही वजह रही कि जब आदिल पकड़ा गया तो उसे छुड़ाने के लिए कुछ मीडिया वाले पैरवी में भी उतरे।
आदिल के ठिकाने से मिली 2.74 लाख की जाली करेंसी
जयंतीपुर में पुलिस ने जब आदिल के ठिकाने पर छापा मारा तो वहां से पुलिस को 2 लाख 74 हजार 550 रुपए की जाली करेंसी बरामद हुई। दरअसल, आदिल ने अपने घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर एक विधवा के घर को अपना ठिकाना बना रखा था।
पुलिस का कहना है कि आदिल विधवा को अपनी पत्नी की तरह रखता था। जाली करेंसी का पूरा नेटवर्क वो इसी घर से चलाता था। उसके इस ठिकाने से पुलिस को जाली करेंसी के अलावा 13 प्रिंटेड शीट, 3500 रुपए असली, 3 मोबाइल फोन, एक प्रिंटर, स्कैनर मशीन, चार कागज कटर, 3 ग्रीन टेप चमकीले आदि सामान मिला है।
पुलिस वाले से कर बैठा जाली करेंसी की डील
मझोला पुलिस को जाली करेंसी के बारे में लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। पिछले करीब 3 महीने से आदिल पुलिस की रडार पर था। लेकिन, पुलिस उसे रंगेहाथ दबोचना चाहती थी। इसीलिए पुलिस ने आदिल को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
एक पुलिसकर्मी को नकली नोटों का सौदागर बनाकर आदिल के पास भेजा गया। आदिल ने पहले तो कुछ समय उसकी जांच परख में निकाला। फिर विश्वास होने पर उसे एक लाख की जाली करेंसी छापकर देने को तैयार हो गया। एक बार सारी सूचनाएं वेरिफाइ करने के बाद पुलिस ने रविवार को आदिल के ठिकाने पर छापा मारकर उसे जाली करेंसी छापते हुए रंगेहाथ दबोच लिया।
10वीं पास है आदिल
आदिल अभी तक 3 लाख रुपए की जाली करेंसी बाजार में खपा चुका है। आदिल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वो 10वीं पास है। वो नकली नोट खपाने के लिए गांव-देहात के पैठ बाजारों काे चुनता था। जहां लोग ठीक खरीदारी करने पर नोट को ज्यादा ध्यान से नहीं देखते। 500 रुपए का नोट देकर 100 रुपए का सामान ले लेता था। इसी तरह करके वो अभी तक 3 लाख रुपए की जाली करेंसी बाजार में खपा चुका है।
No comments:
Post a Comment