राज्यपाल ने किया सीएम ममता पर मानहानि का केस? राजभवन का आया बयान
कोलकत्ता । पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने अभी तक सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज नहीं करवाया गया है। सीएम ममता बनर्जी का आरोप है कि महिलाओं को राजभवन की गतिविधियों के कारण वहां जाने में डर लगता है. ममता के इस बयान पर राजनीति गरमा गई है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की खबरें सामने आईं। दरअसल, एक दिन पहले सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि महिलाओं ने उनसे शिकायत की थी कि राजभवन की गतिविधियों के कारण उन्हें वहां जाने में डर लगता है। इसी मामले को लेकर सीएम और राज्यपाल के बीच तकरार बढ़ गई है। इस बीच शनिवार को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी में सामने आया है कि अभी तक सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज नहीं करवाया गया है।
बंगाल राजभवन के सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसा कोई मामला दायर नहीं किया गया है। अभी तक कोई केस नंबर नहीं है। हालांकि मानहानि का मुकदमा दायर करने की पहल की गई है, लेकिन मानहानि का मुकदमा अभी तक दायर नहीं किया गया है। सीएम ममता बनर्जी का बयान एक संविदा कर्मचारी की ओर से राज्यपाल आनंद बोस पर “छेड़छाड़” का आरोप लगाने के कुछ सप्ताह बाद सामने आया, जिसके बाद कोलकाता पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है।
टीएमसी ने मानहानि को लेकर क्या कहा?
टीएमसी की राज्यसभा सांसद डोला सेन ने कहा कि वह पार्टी नेताओं से चर्चा किए बिना इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी। सेन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘मुझे पार्टी नेतृत्व से बात करनी होगी ताकि पता चल सके कि असल में क्या हुआ। यह काफी संवेदनशील मामला है।
वहीं, तृणमूल के दो विधायकों के शपथ ग्रहण को लेकर सत्ता पक्ष और राजभवन के बीच टकराव बढ़ गया है. सायंतिका बंद्योपाध्याय, रेयात हुसैन सरकार अभी तक शपथ नहीं ले पाए हैं. इन सबके बीच कुणाल घोष ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस को चेतावनी दी है. तृणमूल नेता ने कहा कि उपचुनाव जीतने वाले मेरी पार्टी की दोनों विधायकों को इसी तरह परेशान किया जाता रहा तो वह सोमवार दोपहर 3 बजे तक एक खुलासा करेंगे और ‘अनटोल्ड स्टोरी ऑफ होटल ताज पैलेस, नई दिल्ली’ मंगलवार को सामने आ जाएगी.
बीजेपी ने टीएमसी नेता पर बोला हमला
कुणाल घोष की इस टिप्पणी के बाद भले ही राजभवन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बीजेपी नेता सजल घोष ने कुणाल की कड़े शब्दों में आलोचना की है. बीजेपी पार्षद ने कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, अगर वे उस भ्रष्टाचार को छिपाते हैं तो यह भी अपराध है. आखिरकार, ब्लैकमेलिंग राजनीति में आ गई है. अब गवर्नर को ब्लैकमेल करने की सोच रहे हैं. ये बयान किसी काम के नहीं हैं. वे राजमहल, राज्यपाल का पद, राज्य की गरिमा सब कुछ बर्बाद कर रहे हैं.
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