पीएमएसएमए क्लीनिक में 1321 गर्भवती की हुई प्रसव पूर्व जांच

 एफआरयू पर हुई प्रसव पूर्व जांच में 95 गर्भवती एचआरपी चिन्हित

 मेरठ। मातृत्व स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के अंतर्गत     मंगलवार को जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) व फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) पर “प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक”काआयोजनकियागया।जिला महिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज ,सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) की गयीं। । इस दौरान 1879 गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच  की गयी, जिसमें 95  गर्भवती उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली (एचआरपी) चिन्हित की गयीं। इस दौरान 27 गर्भवती महिलाओं को आयरन सूकोज इंजेक्शन लगाए गये। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अिखिलेश मोहन  बताया- गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिस तरह हर माह की एक, नौ 16 व 24 तारीख को स्वास्थ्य केन्द्रों पर विशेष आयोजन होता है। 24 तारीख को जनपद की सभी एफआरयू पर “प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक” का आयोजन किया जाता है।  दो दिन का सरकारी अवकाश होने के कारण यह दिवस मनाया गया। उन्होंने बताया- गर्भवती को गर्भ ठहरने के बाद प्रसव पूर्व जांच कराने के लिए आशा कार्यकर्ता प्रेरित करती हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के अवसर पर प्रत्येक गर्भवती की पांच जांच- (ब्लड टेस्ट , ब्लड प्रेशर , यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन, अल्ट्रासाउंड) की जाती है। इसके अलावा एचआईवी, हेपेटाइटिस सहित कई अन्य जांच भी की जाती हैं।

   जिला मातृ परार्मश दाता इलमा अजीम ने   बताया- पहली जांच गर्भ ठहरने के आठ सप्ताह के अंदर, दूसरी जांच 14 से 26 सप्ताह के बीच, तीसरी जांच 28 से 34 सप्ताह के बीच और चौथी जांच 36 सप्ताह का समय पूरा होने पर कराने की सलाह दी जाती है। दूसरी और तीसरी तिमाही में सभी गर्भवती को कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान  शुरू किया गया है। उन्होंने बताया प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित दिवस पर अधिक से अधिक से गर्भवती महिलांए जांच कराए । सभी जांचे पूरी तरह निशुल्क है। 









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