इजराइल में फंसा मेरठ का परिवार
जंग के कारण खौफ में जी रहा परिवार
मेरठ। इजराइल और हमास की जंग में विदेश लोग पीस रहे है जो वहां वर्षो से रह रहे थे। मेरठ के किठौर का भी एक परिवार इजराइल में फंस गया है। जंग के बीच हवाई सेवा रद होने के कारण किठाैर का परिवार मदद की गुहार लगा रहा है। परिजनों की बेटे से लगातार बातचीत हो रही है। उसका कहना है वह पूरी तरह सुरक्षित है। इजराइल सरकार ने उनकी सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए हुए है।
किठौर में रहने वाले ओमवीर का बेटा मोहित रंधावा अपनी पत्नी जयदीप और बेटी कीरत कौर के साथ इजराइल में फंस गया है। जयदीप अमरोहा के नेता गुरेंद्र सिंह की भतीजी हैं।दरअसल, इजराइल में हमास के हमले के बाद स्थिति काफी खराब हो गई है। इससे परिवार को वहां से भारत लौटने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोहित के पिता ओमवीर ने बताया कि बेटा, बहू जयदीप और पोती कीरत इजराइल में फंसे हैं। जहां पर वे लोग हैं वहां से 300 किमी दूर जंग हो रही है। उन लोगों ने खुद को फ्लैट में बंद कर लिया है।
शौलदा गांव के रहने वाले मोहित रंधावा रुड़की से पीएचडी की है। 2020 में मोहित जुकरबर्ग यूनिवर्सिटी से पोस्ट डॉक्टोरल की पढ़ाई करने के लिए इजराइल गए थे। बाद में पत्नी जयदीप कौर और बेटी कीरत कौर को भी अपने पास इजराइल बुला लिया था।मोहित रंधावा के घरवालों ने बताया कि मोहित परिवार के साथ 12 अक्टूबर को वापस आने वाले थे। लेकिन हमला होने के बाद सभी फ्लाइट रद्द कर दी गई हैं। परिवार और भारतीय दूतावास भी उनके बारे में लगातार संपर्क बनाए हुए है।अमरोहा आवास विकास कालोनी प्रथम निवासी कारोबारी सुरेंद्र सिंह ढिल्लो, शिक्षक विधायक डा हरिसिंह ढिल्लो के भतीजे और ब्लॉक प्रमुख गुरेंद्र सिंह ढिल्लो के भाई हैं। स्वयं भी भाजपा में जिला मीडिया संपर्क प्रमुख हैं। 17 जून 2017 को जयदीप की शादी मोहित से हुई थी। शोल्दा गांव में मोहित के घर में बुजुर्ग मां बाप अकेले रहते हैं। दोनों को बस बेटा, बहू, पोती की वापसी का इंतजार है। कभी टीवी पर इजराइल के हालातों की खबरें देख लेते हैं। तो कभी बेटा, बहू से वीडियो कॉल पर बात करके हालचाल पूछते हैं। मोहित की बुजुर्ग मां ने बताया कि अभी बेटे से बात हुई है, उसने बताया कि वो वहां पर सेफ है, लेकिन चिंता तो होती है। बच्चों ने बताया कि वहां पर युद्ध चल रहा है।मोहित के पिता ओमवीर दरवाजे पर टकटकी लगाए बेटे का इंतजार कर रहे हैं। मन ही मन भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं ये युद्ध थम जाए और सब ठीक रहे।
मोहित का अभी रिसर्च कार्य अभी चल रहा है जिसके चलते उन्होंने आने में असमर्थता जताई। मोहित ने अपने परिजनों को बताया, इजराइल सरकार द्वारा उनके लिए विशेष व्यवस्था की हुई है। भारतीय दूतावास से वह लगातार संपर्क बनाए हुए है। कुछ दिनों के लिए उनका कार्य इजराइल सरकार ने बन्द करा दिया था। लेकिन अब वो अपने रिसर्च वर्क में लगे हुए हैं। रूड़की आईआईटी से पीएचडी की पढ़ाई की थी। 2020 में मोहित जुकरबर्ग यूनिवर्सिटी से पोस्ट डॉक्टोरल की पढ़ाई करने के लिए इजराइल गए थे।। जिसके बाद पत्नी व बच्ची को भी इजराइल बुला लिया। इससे पूर्व एक वर्ष के लिए मोहित ने इंग्लैंड में भी कार्य किया था।


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