बंगाली कारीगर सोना लेकर नहीं भागे
माॅ की तबियत अचानक खराब होने पर बंगाल गये
पुलिस की मौजूदगी में कारीगर की तिजोरी से आभूषण सुरक्षित निकले
मेरठ। बंगाली कारीगर द्वारा सोना लेकर भागने की सूचना में शनिवार को परिवर्तन आया। बंगाली कारीगर के भाई ने मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजयआनन्द अग्रवाल से संपर्क कर बताया कि, उनकी माता की तबीयत अचानक खराब हो गई है। इसलिए वह दोनों भाई बिना बताए अपने गांव आ गए। उनके फोन भी रिचार्ज नहीं हो पाए थे। सर्राफा के दुकानदार का सोने के आभूषण पूरी तरह सुरक्षित है। कारिगर ने बताया वह भागे नहीं है।कारीगर ने बंगाल से अपने फोन से बताया कि उनको यह समाचार प्राप्त हुआ वह सोना के जेवर लेकर भाग गए है तो उन्होंने बताया कि, वे कोई सोना लेकर नहीं भागा है, जिनका भी सामान है वह मेरी तिजोरी में सुरक्षित रखा है। तिजोरी की चाबियां मेरे मकान पर है। उन्होंने बंगाली संगठन के महामंत्री मककील शेख को फोन कर कहा कि, मेरे घर से चाबियां निकलवा कर, मेरी तिजोरी को संगठन अथवा पुलिस के संरक्षण में खुलवाकर, जिन लोगों का समान है दिला दिया जाए। आने पर मैं दोबारा उन लोगों से संपर्क कर उनके काम को तैयार कर दूंगा। अगर मेरे पर थोड़ा बहुत भी किसी का बैलेंस पिछला चला आ रहा है तो, वह बहुत ज्यादा नहीं है। वह रूटीन में आमतौर पर हम लोगों पर बना रहता है। उस बैलेंस को भी हम लोग आकर चुकता कर देंगे। मैं जल्दी ही मेरठ वापस आऊंगा। कोई किसी भी प्रकार के संदेह में ना रहे। मेंरे ऊपर किसी का भी सोना आदि बाकी नहीं है, छोटे-छोटे बैलेंस यह स्वाभाविक रूप से रहते हैं। इस पर थाना अध्यक्ष से संपर्क करके, चौकी इंचार्ज को साथ ले जाकर उनकी दुकान खुलवाई गई। उसमें दोनों प्रमुख व्यापारियों का समान यथावत उसकी तिजोरी में रखा मिला। जिसको पुलिस सुपुर्दगी में फिलहाल रखवा दिया गया है। कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद संबंधित व्यापारियों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है। इस घटनाक्रम में बंगाली संगठन के पदाधिकारीयों का भी काफी सहयोग रहा। जिसमें मनोज मंडल, संजय कोटल, महामंत्री मववकिल शेख प्रमुख थे। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल,मंत्री संदीप अग्रवाल, उपाध्यक्ष लोकेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, निखिल जैन, आदि थे।


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