नियत सेवा दिवस पर 16 महिलाओं ने लगवाई आईयूसीडी

गालंद, बृजघाट, कस्तला और हरोरा पीएचसी पर आयोजित हुआ नियत सेवा दिवस
समाना, दोतई, अल्लीपुर और मुदाफरा पीएचसी पर 22 जून को लगाई जाएंगी आईयूसीडी

हापुड़, 11 जून, 2023। इंट्रा यूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (आईयूसीडी) दीर्घकालिक गर्भ निरोधक का एक अच्छा और भरोसेमंद साधन है। हर माह अलग - अलग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-केंद्रों पर नियत सेवा दिवस का आयोजन कर आईयूसीडी निवेशन सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. सुनील कुमार त्यागी ने बताया - शुक्रवार को जनपद के चारों ब्लॉकों में एक-एक पीएचसी पर आईयूसीडी निवेशन के लिए नियत सेवा दिवस का आयोजन किया गया। कुल 16 महिलाओं ने दो बच्चों के बीच सुरक्षित अंतर और परिवार नियोजन के उद्देश्य से नियत सेवा दिवस का लाभ उठाया। 
सीएमओ डा. सुनील त्यागी ने बताया - आईयूसीडी निवेशन के लिए अगले नियत सेवा दिवस का आयोजन 22 जून को गढ़ ब्लॉक की दोतई, सिंभावली ब्लॉक की मुदाफरा, हापुड़ ब्लॉक की अल्लीपुर और धौलाना ब्लॉक की समाना पीएचसी पर किया जाएगा। दो बच्चों के बीच सुरक्षित अंतर रखने या फिर परिवार नियोजन अपनाने की इच्छुक महिलाएं (जो नसबंदी नहीं कराना चाहतीं) इस दीर्घकालिक परिवार नियोजन विधि का लाभ उठा सकती हैं। यह विधि पूर्णतः सुरक्षित और भरोसेमंद है।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी (एसीएमओ) डा. प्रवीण शर्मा ने बताया - शुक्रवार को गढ़ ब्लॉक की बृजघाट,  सिंभावली ब्लॉक की हरोरा, हापुड़ ब्लॉक की कस्तला और धौलाना ब्लॉक की गालंद पीएचसी पर आईयूसीडी निवेशन के लिए नियत सेवा दिवस का आयोजन किया गया। ए‌‌‌क बच्चे के बाद कस्तला पीएचसी पर दो लाभार्थियों ने आईयूसीडी लगवाई। दो बच्चों के बाद कस्तला पर चार, हरोरा पर दो और बृजघाट व गालंद पीएचसी पर एक-एक लाभार्थी ने आईयूसीडी अपनाई। इसके अलावा तीन बच्चों के बाद कस्तला पर दो, हरोरा पर एक, बृजघाट पर एक और गालंद पीएचसी पर दो महिलाओं ने परिवार नियोजन का दीर्घकालिक साधन आईयूसीडी के रूप में अपनाया।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सतीश कुमार ने बताया - आईयूसीडी लंबे समय तक प्रयोग किया जाने वाला परिवार नियोजन का अस्थाई साधन है। इच्छानुसार इसका प्रयोग रोककर गर्भधारण किया जा सकता है। टी आकार पर यह एक छोटा सा उपकरण गर्भाशय में लगाया जाता है। जिला कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर (डीसीपीएम) अभिनव दुबे ने बताया - आईयूसीडी को लेकर कुछ मिथक हैं, इनके बारे में समुदाय को सच जानने की जरूरत है। जैसे - आईयूसीडी के प्रयोग से लाभार्थी का वजन बढ़़ता है, बांझपन की समस्या हो सकती है, सिजेरियन प्रसव के बाद आईयूसीडी नहीं लगाई जा सकती, संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है, संभोग के समय असुविधा होती है, यह बातें केवल मिथक हैं, इनमें कोई सच्चाई नहीं है। 
-------
11 महिलाओं और एक पुरुष ने नसबंदी कराई
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. प्रवीण शर्मा ने बताया - शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हापुड़ पर आयोजित नसबंदी शिविर में अपना परिवार पूरा कर चुकीं 11 महिलाओं और एक पुरुष ने स्वेच्छा से नसबंदी कराई। महिला नसबंदी डा. दीप्ति मल्लिक और पुरुष नसबंदी डा. ओशो राधे के द्वारा की गई। पांच जून का सीएचसी धौलाना पर डा. ओशो राधे दो पुरुष नसबंदी कर चुके हैं। सीएमओ डा. सुनील कुमार त्यागी ने कहा - नसबंदी के मामले में पुरुष बहुत पीछे हैं। पुरुषों को इस मामले में आगे आने की जरूरत है। पुरुष नसबंदी बहुत ही सूक्ष्म और सरल शल्य क्रिया है। इससे लाभार्थी को न तो किसी तरह की शारीरिक कमजोरी आती है और न ही उसका वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है।
------
एनएफएचएस के मुताबिक अपूर्ण मांग को पूरा करने का प्रयास : सीएमओ 
सीएमओ डा. सुनील कुमार त्यागी ने बताया - 2019-21 के दौरान हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे पांच (एनएफएचएस-5) के मुताबिक सूबे में परिवार नियोजन सेवाओं की अपूर्ण मांग 12.9 प्रतिशत और अंतराल विधि सेवाओं की अपूर्ण मांग 4.8 प्रतिशत थी, हालांकि हापुड़ जनपद में स्थिति थोड़ी बेहतर पाई गई थी। जनपद में परिवार नियोजन सेवाओं की अपूर्ण मांग 4.8 प्रतिशत और अंतराल विधि सेवाओं की अपूर्ण मांग 2.2 प्रतिशत रही। आईयूसीडी नियत सेवा दिवस का आयोजन कर इस मांग को पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts