कार्यकाल के आखिरी दिन रो पड़े जस्टिस शाह
कहा- मैं सेवानिवृत्त होने वाला व्यक्ति नहीं…नई दिल्ली (एजेंसी)।
सुप्रीम कोर्ट के चौथे वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमआर शाह का सोमवार यानी आज उनके काम का आखिरी दिन था। इस दौरान वह भावुक हो गए। उन्होंने रोते हुए कहा कि वह सेवानिवृत्त होने वाले व्यक्ति नहीं हैं। जीवन में एक नई पारी की शुरुआत करेंगे। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली औपचारिक बेंच पर बैठे न्यायमूर्ति शाह ने अपने भाषण के अंत में राज कपूर का फेमस गाना ‘जीना यहां, मरना यहां’ गाया।
उन्होंने कहा कि मैं सेवानिवृत्त होने वाला व्यक्ति नहीं हूं। मैं अपने जीवन की एक नई पारी शुरू करने जा रहा हूं। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह नई पारी के लिए शक्ति और साहस और अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करें। साथ ही उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि मुझे राज कपूर का गाना ‘कल खेल में हम हो ना हो, गर्दिश में तारे रहेंगे सदा' याद आ रहा है।
शाह ने कहा कि मुझे नहीं पता कि मैं इसके लायक हूं या नहीं, लेकिन मैं इसे विदाई उपहार के रूप में स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं माफी मांगता हूं। मैंने हमेशा अपने काम को पूजा के रूप में लिया है। मैं आपके द्वारा दिए गए प्यार और स्नेह से अभिभूत हूं। मैं सभी का आभारी हूं।


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