आज स्कूल में जेंडर इक्वलिटी परम आवश्यक - अनीता दत्ता
जेंडर सेंसिटीविटी इन स्कूल्स कार्यशाला का डी.ए.वी. में आयोजन
मेरठ। डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल,में सीबीएसई के तत्वाधान में एक दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसका विषय था, जेंडर सेंसटिविटी इन स्कूल्स' सीबीएसई की कार्यशाला की मेजबानी का उत्तरदायित्व डीएवी मेरठ स्कूल का था जिसमें विभिन्न स्कूलों से लगभग 35 अध्यापकों ने भाग लिया।
कार्यशाला के मुख्य प्रवक्ताओं में अनीता दत्ता, प्रधानाचार्या एसडी पब्लिक स्कूल, मुजफ्फरनगर तथा निर्मला लिक पब्लिक स्कूल, शामली उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय प्रवक्ताओं को नव ऊर्जा का खोत नई पौध तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। तत्पश्चात अनिता दत्ता तथा निर्मला मलिक तथा प्राचार्या डॉक्टर अल्पना शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का पारंपरिक आगाज किया।
अनीता दत्ता ने विषय वितार प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज स्कूल में जेंडर इक्वलिटी परम आवश्यक है । सभी को समान अधिकार प्राप्त होना चाहिए। विद्या सभी के लिए समान रूप से प्रेक्षित की जानी चाहिए। लड़का हो या लड़की सभी अपने विशिष्ट गुणों के साथ विद्यालय में आते हैं. जरूरत है उन गुणों को परिष्कृत करने का, उनकी कमियों को दूर कर उनकी खूबियों को निखारने का अगर अध्यापको प्रत्येक विद्यार्थी के अंदर की छुपी प्रतिभा को बाहर निकाल सकता है। कक्षा में शिक्षक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है।
निर्मला मलिक ने वक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जेंडर सेंसटिविटी एक ऐसा विषय है जिस पर अध्यापक अगर विचार करे तो कक्षा में नवी ऊर्जा का विकास हो सकता है। शिक्षक की जिम्मेदारी होती है, राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करने हेतु बच्चों में अच्छे गुणों और शिक्षा को बढ़ावा देना और ऐसा तभी संभव है, जब हम कक्षा में समान धरातल पर बच्चों को आकर शिक्षा देने की प्रवृत्ति को अपनाएं।
अंतत: प्राचार्या डॉक्टर अल्पना शर्मा दोनों प्रवक्ताओं का आभार व्यक्त किया तथा कार्यशाला में उपस्थित अध्यापकों को वोधित करते हुए कहा कि शिक्षा प्रदान करना एक गोरखाली कार्य है और इसे करते हुए हमें हमेशा यही ध्यान रखना चाहिए कि हम विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित कर और उन्हें उनके स्थल भविष्य के लिए तैयार करें।




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