एकीकृत निक्षय दिवस पर 65 क्षय रोगी गोद लिए गए
अपने परिजनों की नियमित जांच और मास्क का प्रयोग कर टीबी से बचाएं : सीएमओ
- 50 क्षय रोगियों को गोद लेकर सीएचसी डासना के चिकित्सक और कर्मचारी भी बने निक्षय मित्र
- जिला टीबी केंद्र पर मिगलानी मेडीकोज ने गोद लिए 15 क्षय रोगी
गाजियाबाद, 15 मई, 2023। जिले में सोमवार को एकीकृत निक्षय दिवस मनाने के साथ ही 21 कार्य दिवसीय विशेष क्षय रोगी खोज अभियान शुरू हो गया। निक्षय दिवस के मौके पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), डासना पर चिकित्सकों और स्टाफ द्वारा गोद लिए गए। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. भवतोष शंखधर का चिकित्सा अधीक्षक डा. भारत भूषण ने बुके देकर स्वागत किया। सीएमओ ने अपने कर कमलों से क्षय रोगियों को पुष्टाहार प्रदान किया। दूसरी ओर जिला क्षय रोग केंद्र पर 15 क्षय रोगियों को गोद लिया गया।
डासना सीएचसी पर क्षय रोगियों को संबोधित करते हुए सीएमओ डा. भवतोष शंखधर ने कहा - क्षय रोगी अपने परिजनों का टीबी संक्रमण से बचाव करने का प्रयास करें, इसके लिए सभी परिजनों की नियमित रूप से जांच कराएं और उनके नजदीक रहने पर मास्क का प्रयोग करें। आप लोगों को भी यह संक्रमण किसी से मिला है, सावधानी के साथ संक्रमण की श्रंखला को तोड़ना है। इसका उपाय यही है कि लक्षण आने पर तत्काल जांच कराएं और पुष्टि होने पर उपचार शुरू करें। मास्क का प्रयोग कर अपने संपर्क में आने वालों को संक्रमण से बचाएं। उपचार शुरू होने के दो सप्ताह बाद रोगी से संक्रमण फैलने की आशंका काफी कम हो जाती है।
क्षय रोगियों के साथ आए परिजनों से सीएमओ ने कहा - क्षय रोग किसी को भी हो सकता है। इसे लेकर परेशान न हों। नियमित रूप से उपचार पूरा करने पर क्षय रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है। क्षय रोगी से भावनात्मक लगाव बनाए रखें, ऐसा करने से रिकवरी में मदद मिलती है। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि रोगी नियमित रूप से दवा लेता रहे। उच्च प्रोटीन युक्त खुराक टीबी रोगियों के लिए जरूरी होती है। इसलिए यहां से दिए गए पुष्टाहार का सेवन रोगियों को ही कराएं। इस मौके पर जिला क्षय रोग केंद्र से एसटीएलएस संजय यादव और सीएचसी डासना का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
इसके अलावा जिला एमएमजी चिकित्सालय स्थित जिला क्षय रोग केंद्र पर मिगलानी मेडीकोज की ओर से 15 क्षय रोगी गोद लिए गए। उप जिला क्षय रोग अधिकारी डा. अनिल यादव की मौजूदगी में क्षय रोगियों को पुष्टाहार प्रदान किया गया। डा. अनिल यादव ने इस मौके पर क्षय रोगियों को टीबी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि एक भी दिन दवा नहीं खाने पर टीबी ड्रग रेजिस्ट हो सकती है, उस स्थिति में न केवल उपचार लंबा चलाना पड़ेगा बल्कि उपचार थोड़ा मुश्किल भी हो जाएगा।


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