अतीक-अशरफ हत्याकांड

हत्याकांड की जांच को एसआईटी गठित

लखनऊ।
प्रयागराज में हुई माफिया अतीक अहमद और अशरफ अहमद के हत्याकांड की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस संबंध में प्रयागराज कमिश्नरेट ने आदेश जारी कर दिया है। वहीं, यूपी डीजीपी ने इसके पर्यवेक्षण के लिए एडीजी प्रयागराज जोन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।
गठित की गई एसआईटी में अपर पुलिस उपायुक्त अपराध सतीश चंद्र, सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली सतेंद्र प्रसाद तिवारी और विवेचना सेल ओम प्रकाश को शामिल किया गया है। वहीं, पर्यवेक्षक टीम में अपर पुलिस महानिदेशक, प्रयागराज जोन को अध्यक्ष बनाया गया है जबकि पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज व निदेशक, विधि विज्ञान प्रयोगशाला इसके सदस्य हैं।
इसके पहले हत्याकांड की जांच के लिए प्रदेश सरकार द्वारा न्यायिक आयोग का गठन किया जा चुका है। हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस (रिटायर्ड) अरविंद कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व वाले आयोग में सेवानिवृत्त जज बृजेश कुमार सोनी और पूर्व डीजी सुबेश कुमार सिंह सदस्य होंगे। आयोग को दो महीने में जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।


पूर्व आईपीएस अफसर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग
नई दिल्ली (एजेंसी)। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में अब एक और याचिका दायर की गई है। पत्र याचिका में सुप्रीम कोर्ट से हत्या के मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने का आग्रह किया गया है। ये याचिका सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने दायर की है।
बता दें कि अतीक अहमद हत्याकांड को लेकर एक दिन पहले भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हो चुकी है। याचिका में शीर्ष अदालत के पूर्व जज की निगरानी में मामले की जांच करवाने की मांग की गई है। वकील द्वारा दायर याचिका में यूपी में 2017 के बाद हुए सभी एनकाउंटर की जांच करवाने के लिए भी कहा गया है।
वकील विशाल तिवारी की ओर से लगाई गई इस याचिका में कहा गया है कि अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या की जांच के लिए एक विशेष समिति बननी चाहिए। याचिका में यह भी कहा गया है कि पुलिस एनकाउंटर लोकतंत्र के साथ कानून के राज को भी धीरे-धीरे खत्म कर सकता है।



प्रतापगढ़ जेल शिफ्ट किए गए तीनों शूटर

प्रयागराज।अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के हत्यारोपियों लवलेश तिवारी, शनि सिंह उर्फ मोहित व अरुण कुमार मौर्या को प्रयागराज की नैनी जेल से निकालकर प्रतापगढ़ जिला जेल में शिफ्ट किया गया है। बता दें कि तीनों शूटरों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा कारणों के कारण इन तीनों की जेल बदली गई है।
हालांकि इससे पहले जब इन्हें नैनी जेल लेकर आया गया तो जेल प्रशासन ने उनको कैसे सुरक्षित रखा जाए, इसके लिए जेल अधिकारियों ने घंटों बैठक कर कार्ययोजना तैयार की थी, बावजूद इसके इनको शिफ्ट करना ही बेहतर समझा गया।
नैनी जेल के अंदर बनी तन्हाई बैरक में इन तीनों शूटरों को रखा गया था। सुरक्षा को लेकर बॉडी वॉर्न कैमरे व अन्य बंदी रक्षकों को लगाया गया था। तन्हाई बैरक जेल के एक कोने में बनी है और उसमें किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाता है। जेल के अंदर अतीक के बेटे के साथ समर्थक व गुर्गों में हत्या के बाद से आक्रोश है और वह हत्यारोपियों को नुकसान पहुंचने का पूरा प्रयास करेंगे, इस बात की आशंका हमेशा बनी हुई थी।

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