विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर
जिला एमएमजी चिकित्सालय से निकाली गई जागरूकता रैली
- सीएमओ ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
- स्कूल कालेजों में भी हुए जागरूकता कार्यक्रम
गाजियाबाद, 25 अप्रैल 2023। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवतोष शंखधर ने जिला एमएमजी चिकित्सालय से विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर मंगलवार को मलेरिया विभाग द्वारा निकाली गई जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मलेरिया विभाग के कर्मचारियों ने "हम सब ने ठाना है मलेरिया को मिटाना है" के संकल्प घोष के साथ जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय से रैली निकाली। रैली एमएमजी परिसर से होते हुए जीटी रोड घंटाघर तक निकाली गई l एमएमजी परिसर में मौजूद लोगों को पैम्फ्लेट बांटकर मलेरिया से बचाव की जानकारी दी गई। इसके उपरांत मलेरिया विभाग की ओर से शंभू दयाल इंटर कॉलेज में साफ सफाई के लिए बच्चों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कर कमलों से प्रशस्ति पत्र बांटे गए।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने प्रतिदिन की भांति नगरीय व ग्रामीण के समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को विश्व मलेरिया दिवस पर अपने अपने सेंटर पर आए समस्त लोगों को मलेरिया से बचाव के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए गए थे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालय के बच्चों द्वारा स्वच्छता के संकल्प के साथ रैलियां भी निकाली गईं।
कमपोजिट विद्यालय काजीपुरा, डासना में विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को विभिन्न माध्यमों के द्वारा जागरूक किया गया इस शुभ अवसर पर काजीपुरा के प्रधान भी उपस्थित रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि मच्छरों का प्रकोप पहले सिर्फ बारिश के दौरान और बारिश के बाद दिखता था जबकि अब 2-3 महीने छोड़ दीजिए तो पूरे साल ही दिखते हैं। इसलिए आवश्यकता पड़ने पर मलेरिया रोकने के लिए अब फॉगिंग का कार्य पूरे साल चलेगा। साथ ही हमारी स्वास्थ्य टीमें सर्वाधिक मच्छर वाले इलाकों को चिन्हित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि इस बार विश्व मलेरिया दिवस की थीम “शून्य मलेरिया देने का समय : निवेश, नवाचार, कार्यान्वयन” है। इस थीम का उद्देश्य वैश्विक उन्मूलन लक्ष्यों को प्राप्त करने में नवाचार की ओर ध्यान आकर्षित करना और उनको जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करना है। उन्होंने बताया कि जनपद में 2021 और 2022 में क्रमशः 29 और दो मरीज मिले। इस वर्ष अब तक हुई जांच में कोई मलेरिया का कोई मरीज सामने नहीं आया है।
जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्र ने बताया कि वर्तमान में संचालित संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को नष्ट कराया जा रहा है। एंटी लार्वा का छिड़काव तथा फागिंग भी कराया जा रहा है। इस कार्य में नगर विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मलेरिया की जांच व उपचार की सुविधा जिला मुख्यालय के अलावा सभी सीएचसी/पीएचसी पर उपलब्ध है। शासन के निर्देशानुसार आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्र में जाकर रोगी की पहचान कर रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) किट से त्वरित जांच कर रही हैं। इसके लिए समस्त आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित भी किया गया है। जांच में मलेरिया धनात्मक पाए जाने पर जल्द से जल्द रोगी का नि:शुल्क पूर्ण उपचार किया जाएगा।
हफ्ते भर में अंडे से बन जाता है मच्छर
मलेरिया का प्रसार मादा एनोफिलीस मच्छर के काटने से होता है। एक अंडे से मच्छर बनने की प्रक्रिया में पूरा एक सप्ताह का समय लगता है। इस कारण सप्ताह में एक बार एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाता है। यदि किसी जल पात्र में पानी है तो उसे सप्ताह में एक बार जरूर खाली कर दें। जैसे कूलर, गमला, टीन का डिब्बा, नारियल का खोल, डिब्बा, फ़्रिज के पीछे का डीफ्रास्ट ट्रे आदि की सफाई हमेशा करते रहना आवश्यक है। मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति का समय से इलाज शुरू होने पर जान जाने का खतरा कम हो जाता है।
क्या करें
मलेरिया से बचाव के लिए रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। आसपास दूषित पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए। साफ-सफाई रखनी चाहिए। बुखार होने पर तत्काल आशा से संपर्क करें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर परामर्श लें। सही समय पर निदान उपचार होने से रोगी पूर्णतः स्वस्थ हो जाता है।


No comments:
Post a Comment