वेंक्टेश्वरा में भारतीय कृषि क्षेत्र में उभरते अवसर’’ विषय पर दोदिवसीय सेमीनार

-कृषि भारत देश की आत्मा एवं भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ- डॉ सुधीर गिरि, 

मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंक्टेश्वरा संस्थान में ’’इमर्जिंग आपर्च्यिुनिटी ईन एग्रीकल्चर सेक्टर’’ विषय पर दोदिवसीय सेमीनार का शानदार आयोजन किया गया। जिसमें देशभर से आये कृषि वैज्ञानिकों ने पुराने परम्परागत ढर्रो को छोड़कर नवाचारो एवं तकनीक के साथ कृषि को उद्योग के रुप में स्थापित कर किसानो की आय दोगुनी करने के उपायो को विस्तार से समझाया। इस अवसर पर वेंक्टेश्वर समूह के चेयरमैन डॉ0 सुधीर गिरि ने कृषि को देश की आत्मा एवं भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए पिछले एक दशक में भारत सरकार द्वारा किसानो के लिए लायी गयी कल्याणकारी योजनाओ का जिक्र करते हुए उन्नत कृषि के दम पर ’’आत्मनिर्भर सशक्त भारत’’ बनाने की बात कही।


वेंकटेश्वर संस्थान के चौ. चरण सिंह सभागार में आयोजित राष्ट्रीय संगौष्ठी का शुभारम्भ समूह चेयरमैन डॉ.सुधीर गिरि, मुख्य अतिथि इजराइल कृषि मंत्रालय के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो..ए.के. सिंह, प्रतिकुलाधिपति  डॉ. राजीव त्यागी, सी.ई.ओ. अजय श्रीवास्तव, कुलपति प्रो. राकेश यादव एवं वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं डीन प्रो. सी..पी. कुशवाहा आदि ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया।
अपने सम्बोधन में मुख्यवक्ता वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. ए.के. सिंह ने कहा कि आज कृषि असीम सम्भावनाओ से भरा क्षेत्र है, यदि देश का अन्नदाता पुराने तरीके छोडकर नवाचारो के साथ, आरगैनिक फार्मिंग, पशुपालन, मत्सय पालन, मशरूम कल्टीवेशन, टिश्यू कल्चर जैसी उन्नत तकनीक अपनाकर व्यापार के रूप में खेती करे तो उनकी आय बढ़ने के साथ-2 देश फिर से दुनिया का सिरमौर होगा।
दोदिसीय संगौष्ठी को विभागाध्यश प्रो. सी.पी. कुशवाहा, सरदार पटेल से डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. राजकुमार, डॉ. लक्ष्मीकरन, डॉ. माता प्रसाद ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. पीयूष पाण्डेय, डॉ. वर्षा यादव, डॉ. लसिता अरोडा, अरूण गोस्वामी, नीतूश्रीपाल, डॉ. राजेश सिंह, मारूफ चौधरी, एस.एस. बघेल, मेरठ परिसर से डॉ. प्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित है। कार्यक्रम का शानदार संचालन आशी ने किया।

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