एकीकृत निक्षय दिवस : ओपीडी में 2113 मरीजों की हुई स्क्रीनिंग

193 संभावित टीबी मरीजों के नमूने भेजे जांच को
 सीएमओ व डीटीओ ने किया स्वास्थ्य केन्द्रों का निरीक्षण

 मेरठ, 17 जनवरी 2023।  जनपद में सोमवार को सभी टीबी यूनिट के अलावा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (यूपीएचसी) पर एकीकृत निक्षय दिवस मनाया गया। इस दौरान सभी केंद्रों पर संपन्न हुई ओपीडी में 2113 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी।। इसमें 193 लोग ऐसे पाये गये जिनमें टीबी से मिलते-जुलते लक्षण नजर आये।। इनके बलगम जांच के लिये लैब में भेजे गये।  अभी पांच नमूनों की जांच हो पायी है इनमें एक व्यक्ति में टीबी की पुष्टि हुई है। टीबी मरीज का तत्काल उपचार आरंभ हो गया है।



 मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश मोहन ने सोमवार को आयोजित निक्षय दिवस के दौरान यूपीएचसी पुलिस लाइन का निरीक्षण किया। वहां पर उन्होंने रजिस्टर व व्यवस्था का जायजा लिया साथ ही संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. गुलशन राय ने टीम के साथ यूपीएचसी राजेन्द्र नगर, जाकिर कॉलोनी,इस्लामाबाद का निरीक्षण किया।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया- एकीकृत निक्षय दिवस का आयोजन सभी टीबी यूनिट के अलावा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्लूसी) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (यूपीएचसी) पर किया गया। संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग करने के साथ उनके बलगम के नमूने जांच के लिये लैब में भेजे गये।
 जिला क्षय रोग अधिकारी डा.गुलशन राय ने बताया शासन से प्राप्त निर्देश पर एकीकृत निक्षय दिवस पर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने  (सीएचओ) हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर उपलब्ध रहकर अपने क्षेत्र की आशा, एएनएम और आँगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से टीबी मरीजों की सूची तैयार की। इस दौरान ओपीडी में 2113 मरीजों की जांच की गयी, जिसमें से 193 टीबी के संभावित मरीज मिले हैं। 99 लोगों के बलगम के नमूने जांच के लिये लैब में भेजे गये है। उन्होंने बताया अभी पांच नमूनों की जांच की गयी, जिसमें एक व्यक्ति में टीबी के लक्षण मिले हैं। उनका उपचार आरंभ कर दिया गया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि लगातार खांसी ,बुखार आने पर जांच कराए। टीबी के लक्षण होने पर उसे छिपाए नहीं बल्कि उसकी चिकित्सकों से जांच कराए। सरकारी स्तर पर टीबी की जांच और उपचार सुविधा उपलब्ध है। इतना ही नहीं उपचार के दौरान मरीज के खाते में निक्षय पोषण योजना के तहत उपचार चलने तक प्रति माह  मरीज को पांच सौ रुपये दिए जाते है। यह राशि सीधे मरीज के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इस मौके पर नेहा सक्सेना, अंजु गुप्ता, शबाना बेगम,अजय सक्सेना आदि मौजूद रहे।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts