मिर्गी के मरीजों को अब मेडिकल कॉलेज में मिलेगा उपचार

 मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने किया मिर्गी क्लीनिक का शुभारंभ
 हर बुधवार को देखे जाएंगे मिर्गी रोगी


 मेरठ, 15 अक्टूबर 2022 । लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज चिकित्सा जगत में नये -नये आयाम स्थापित कर रहा है। इसी श्रृंखला में अब मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग में मिर्गी के मरीजों का उपचार किया जाएगा। शनिवार को मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा आरसी गुप्ता ने सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक में मिर्गी क्लीनिक का शुभारंभ किया।
 डॉ आर सी गुप्ता ने बताया मिर्गी क्लीनिक में प्रत्येक बुधवार को मिर्गी के मरीज देखे जाएंगे।उन्होंने बताया -सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक स्थित न्यूरोलॉजी विभाग में ईईजी की सुविधा न्यूनतम दरों पर प्रतिदिन उपलब्ध है।न्यूरो स्पेशलिटी क्लीनिक में प्रत्येक बुधवार को मरीज देखे जाएंगे। सामान्य न्यूरो रोग ओपीडी प्रतिदिन तथा पक्षाघात, लकवा, मिर्गी संबंधित सभी मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज में किया जाता है। प्रधानाचार्य ने बताया -निकट भविष्य में और सुपर स्पेशलिटी क्लीनिक खोले जाएंगे। उन्होंने बताया- मिर्गी क्लीनिक खुलने से ऐसे मरीजों को अब इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।


 डा .दीपिका सागर ने बताया -मिर्गी की बीमारी में मरीजों का उपचार तीन से चार साल तक चलता है, लेकिन मरीज थोड़ा सा ठीक होने के पश्चात उपचार बंद कर देते हैं। उन्होंने ऐसे मरीजों को सलाह दी है कि ऐसे मरीजों को पूरा उपचार कराना चाहिए। बीच में पूरा उपचार न कराने पर कभी भी मिर्गी को दौरा पड़ सकता है।
डॉ.दीपिका सागर ने बताया -विकास नाम का मरीज उम्र 24 वर्ष निवासी जनपद मेरठ न्यूरोमाइलाइटिस ऑप्टिकल डिजीज एनएमओ रोग से ग्रसित था। दाहिने हाथ और पांव में लकवा की शिकायत के साथ मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ।वहबोलने, खाने.पीने में असमर्थ था तथा दिमाग की कई नसों में लकवा की शिकायत थी। मरीज को न्यूरो प्रोटेक्टिव एंड न्यूरोट्रॉपिक दवाएं दी गई तथा इम्यूनो सपरेस थेरेपी दी गई जिससे मरीज स्वस्थ हो गया तथा बोलने खाने तथा चलने लगा है।
   जगपाल 72 वर्षीय पुरुष जनपद मेरठ निवासी के दोनों पैरों में अत्याधिक सूजन थी तथा लंबे समय से मधुमेह से ग्रसित थे। इन्होंने दिल्ली के सरकारी एवं गैर सरकारी अनेक प्रतिष्ठित अस्पतालों में संपर्क किया, उपचार भी लिया परंतु कोई भी फायदा नहींहुआ। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज मेरठ के न्यूरोलॉजी ओपीडी में संपर्क किया। इनको इम्यूनोग्लोबुलिन थेरेपी का परामर्श दिया गया, जिसके फलस्वरूप वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गए। अब वह स्वयं अपने पैरों पर चल फिर सकते हैं और दैनिक दिनचर्या के समस्त कार्य स्वयं करने में समर्थ हैं।
 
            इस मौके पर प्रमुख अधीक्षक डॉ. के एन तिवारी, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक प्रमुख डॉ सुभाष दहिया, मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ.वी डी पाण्डेय, न्यूरोलॉजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ.अनिल कुमार साहू एवं डॉ. सुशांत सहायक आचार्य न्यूरोलॉजी उपस्थित रहे।

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