दिपावली पर जिला कारागार की हाईटेक चक्की से तैयार हो रहें दीए

 हाईटेक झालर को लेकर बंदियों को मिली विशेष ट्रेनिंग 

 मेरठ 19 अक्टूबर। योगी सरकार की दिवाली को प्रदूषण मुक्त बनाने की तैयारी है। इसके तहत जिला कारागारों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कई जिलों के कारागारों में गाय के गोबर से ईको फ्रेंडली दीये बनाए जा रहे हैं। इससे प्रदूषण में कमी आएगी। इतना ही नहीं, दीये के साथ.साथ हाईटेक झालर बनाने की ट्रेनिंग भी इन कैदियों को दी जा रही है, जिससे इन्हें आत्मनिर्भर भी बनाया जा सके। 

पुराने ज़माने में जेल की चक्की से आटा पीसकर कभी रोटी बनती थी, लेकिन अब जेल की चक्की बीते ज़माने की बात हो गई है पर आपको जानकर हैरत होगी कि मेरठ ज़िला कारागार में मौजूद चक्की का उपयोग दीपावली के दीए बनाने में किया जा रहा है। यही नही, बंदी दीपावली की हाईटेक इलेक्ट्रिक झालर भी बना रहे हैं।  

जेल की चक्की सुनकर अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर की याद आ जाएगी। फिल्म शोले का वो डॉयलॉग भी याद आ जाएगा। 

 मेरठ जिला कारागार के अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि जेल में मौजूद विशेष चक्की से दीपावली के दीए तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस चक्की से ईको फ्रेंडली दीए बनाए जा रहे हैं। इस चक्की में गाय का सूखा गोबर, मुल्तानी मिट्टी और गोंद को मिक्स कर पाउडर बनाया जाता है, फिर इसी पाउडर को सांचे में डालकर हजारों दीए बनाए जा रहे हैं।

जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि गौशाला से गाय का गोबर लाकर चक्की में पीसा जाता हैए फिर इस लेप से दीए तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यालय के आउटलेट पर भी इन दीयों को रखा जाएगा। 

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