निराला की पुण्यतिथि पर किया नमन

इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में किया याद
प्रयागराज।
महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की पुण्यतिथि पर साहित्यकार, अध्यापक एवं शोधार्थियों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर स्थित निराला की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्पण किया।
निराला को याद करते हुए वरिष्ठ कवि-आलोचक राजेंद्र कुमार ने कहा कि निराला हमारे लिए आज भी आदर्श हैं। साथ ही उन्होंने अपनी युवावस्था में निराला पर लिखी कविता का जिक्र करते हुए बताया कि निराला को अल्पता एवं पूर्णता दोनों स्थितियों में पढ़ा जा सकता है। साथ ही निराला के साथ नेहरू और लोहिया के संबंधों की चर्चा भी की।
हिंदी विभाग के सह आचार्य डॉ. सूर्य नारायण ने कहा निराला हिंदी साहित्य की बीसवीं शताब्दी के श्रेष्ठतम कवि हैं। उन्होंने निराला के निमित ब्याख्यानमाला एवं भविष्य में रजा फाउंडेशन के सहयोग से उन पर लिखी जाने वाली जीवनी की योजना को भी साझा किया।आलोचक डॉ. कुमार वीरेंद्र ने कहा कि निराला काव्य एवं व्यवहार में साम्य रखने वाले कवि रहे हैं। डॉ वीरेन्द्र ने इलाहाबाद में निराला के बिताए गए अंतिम दिनों एवं व्यवहार को उनके पत्रों, संवादों, देवी कहानी  के मार्फ़त बताया और कहा कि वे अपने शुरुआत से लेकर अंतिम दिनों तक समाज के उपेक्षित वर्ग के प्रति सहृदय रहे।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के लाइब्रेरियन डॉ. वीके सिंह, रज्जू भैय्या विश्विद्यालय के हिंदी- विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. अनिल यादव, हिंदी विभाग के सह आचार्य डॉ. दीनानाथ मौर्य, डॉ. लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता,  डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह, शोध छात्र अवनीश यादव, सौरभ कुमार, पुष्कर शुक्ला, परमेश्वर राज, चंद्रशेखर कुशवाहा, शिवेंद्र सिंह, अनुपम शुक्ला, आशुतोष त्रिपाठी, अभिषेक पांडेय, धर्मवीर सरोज, ज्ञानेंद्र द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में विभाग के छात्र उपस्थित रहे।

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