एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं प्रांतीय शैक्षिक कार्यशाला का आयोजन
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बौद्धिक संपदा प्रकोष्ठ एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास मेरठ प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को 'आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका' विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं प्रांतीय शैक्षिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता सीसीएसयू की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर के कुलपति प्रोफेसर ह्रदय शंकर सिंह उपस्थित रहें। मुख्य अतिथि के रुप में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास उत्तर क्षेत्र के संयोजक जगराम उपस्थित रहें। कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रांत सह संयोजक उमेश सेनरा ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम में चिकित्सा शास्त्र के हिंदी शोध पत्र पुनर्नवा का भी विमोचन किया गया। कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा, हमारे प्राचीन शिक्षा पद्धति में धर्म, भाषा, शिक्षा एवं साहित्य के अतिरिक्त ज्ञान, विज्ञान, गणित, ज्योतिष, रसायन एवं संगीत भी महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर ह्रदय शंकर सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला एवं उसकी महत्वता बताई। दूसरे सत्र में न्यास के विभिन्न विषयों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से एडवोकेट मनोज गोस्वामी व डॉ. ज्ञानी शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में डॉ. नितिन गर्ग, सहदेव सिंह, नमिता बसनाल, कुशाग्र, अनिल सिंह उपस्थित रहें।
.jpeg)

No comments:
Post a Comment