हर कदम बेटियों के साथ ज्यादती क्यों
बेटियां फाउंडेशन ने नौ सर्वश्रेष्ठ छात्राओं को दिया सम्मानमेरठ। बेटिया फाउंडेशन संस्थान ने अंतर्राष्टीय बालिका दिवस मनाते हुए छात्राओं ने मैं लड़की हूँ, डा. अम्बेडकर इंटर कॉलिज में कार्यक्रम का आयोजन करते हुए नौ सर्वश्रेष्ठ छात्राओं को सम्मानित किया ।
कार्यक्रम में टॉपिक पर सभी ने अपने मन की बात शेयर की कि चाहे हम कितना भी अच्छा बन जाए शाबाशी भाई को ही मिलती है।अभी भी घर व समाज मे पुरुषत्व हावी है सारी बंदिशें रूढ़ियां बेटियों के लिए ही क्यूँ । छात्रायें अपने सामने आने वाली चुनातियों पर खुलकर बोली कि हर कदम पर बेटियो के साथ ही ज्यादती क्यों, क्यू नही उन्हें समान अधिकार मिलता ,क्यू चुनौती भरा जीवन उन्हें जीना पड़ता है जबकि वे हर कदम पर पुरुष के साथ बराबर चल रही है फिर क्यू नही उन्हें समान अधिकार मिल रहे।
उषा अरोड़ा ने कहा ऑफिस में महिला पुरुष की बॉस भी बन रही है फिर घर व समाज बेटी की तुलना बेटे से क्यू करता है। अर्चना,क्षमा चौहान,विनीता व सचिव शिवकुमारी गुप्ता ने अपने विचार बेटियों को सम्मान, शिक्षा, जन्म, रोजगार को लेकर चर्चा की।
संस्था अध्यक्ष अंजू पाण्डेय ने छात्राओ के जीवन में आने वाली चुनौतियों व कठिनाइयों की पहचान कराई कि यदि जीवन मे किसी परेशानियों का सामना होता है तो किस तरह उन समस्याओं का समाधान करे।इस अवसर पर कॉलेज प्रधानाचार्य ने संस्था का आभार व्यक्त किया स्कूल टीचर्स ने प्रशंसा में कहा कि संस्था द्वारा इस तरह के आयोजन से बेटियां अपने जीवन के उतार चढ़ाव को सही ढंग से समझ सकेंगी।
बेटियां फाउंडेशन ने सर्वश्रेष्ठ छात्रा ज्योति, वॉशिंका, अंजलि यादव, प्राची, अनामिका, जाह्नवी, चेतना, सना को सर्टिफिकेट व मेडल द्वारा सम्मानित किया। कार्यक्रम 51 छात्राओं ने बालिका दिवस स्लोगन में भाग लिया और सभी को बेटियाँ फाउंडेशन द्वारा मेडल पहनाकर सम्मानित किया।


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