न्याय मिलने में देरी बड़ी चुनौतीः पीेम मोदी
बोले- डेढ़ हजार अप्रासंगिक कानून हुए रदनई दिल्ली (एजेंसी)।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानून मंत्रियों और कानून सचिवों के अखिल भारतीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश ने डेढ़ हजार से ज्यादा पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को रद कर दिया है। इनमें से अनेक कानून तो गुलामी के समय से चले आ रहे थे।
पीएम ने कहा कि कानून बनाते हुए हमारा फोकस होना चाहिए कि गरीब से गरीब भी नए बनने वाले कानून को अच्छी तरह समझ पाएं। किसी भी नागरिक के लिए कानून की भाषा बाधा न बने, हर राज्य इसके लिए भी काम करे। इसके लिए हमें लॉजिस्टिक और इंफ्रास्ट्रक्चर का सपोर्ट भी चाहिए होगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मातृभाषा में एकेडमिक सिस्टम भी बनाना होगा। लॉ से जुड़े कोर्स मातृभाषा में होने चाहिए। हमारे कानून सरल, सहज भाषा में लिखे जाएं। साथ ही कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण केसेस की डिजिटल लाइब्रेरी स्थानीय भाषा में होने चाहिए। इसके लिए हमें काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि देश के लोगों को सरकार का अभाव भी नहीं लगना चाहिए और देश के लोगों को सरकार का दबाव भी महसूस नहीं होना चाहिए।


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