सउदी में हादसे का शिकार हुआ युवक, मचा कोहराम

-लम्बे इंतजार के बाद अजराड़ा पहुंचा शव, जनाजे में उमड़ी लोगों की भीड़
मेरठ। डेढ़ महीने के लंबे इंतजार के बाद सऊदी में मृतक का शव उसके पैतृक गांव अजराड़ा पहुंचा। शव के गांव में पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। अपने बेटे को देखने के लिए परिजन पिछले डेढ़ महीने से इंतजार कर रहे थे, जिसके इंतजार में रो-रोकर परिजनों की आंखें पथरा गई थी। जिसको गुरुवार की सुबह लगभग 10:00 बजे नम आंखों से सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
गौरतलब है कि अजराड़ा निवासी 27 वर्षीय शाकिर पुत्र शोकीन परिवार में दो भाई-दो बहनों में सबसे बड़ा था। परिवार की सारी जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। बेरोजगारी के चलते लगभग 4 साल पहले सऊदी अरब में नौकरी करने के लिए गया था, इसी बीच उसने अपनी छोटी बहन की शादी भी करा दी थी लेकिन, परिवार में विवाद के चलते कुछ समय बाद ही उसके ससुराल वाले उसको नहीं ले गए और वह अजराड़ा में ही अपने मायके रह रही है। वही एक छोटी बहन और एक छोटा भाई भी अभी अविवाहित ही हैं। परिवारजनों ने बताया, सऊदी से वापस लौटकर शाकिर की शादी करने का इरादा बनाया हुआ था। शाकिर सऊदी अरब में एक कंपनी में ट्रक चलाकर परिवार का पालन पोषण कर रहा था, इसी दौरान मक्का शहर के पास एक सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। आपको बता दें कि इसके लिए सभी दस्तावेज राजनीतिक दूतावास रियाद और उसके बाद वाणिज्य दूतावास इददाह से संपर्क कर शव को भारत तक पहुंचाने के लिए तमाम कौशिश करनी पड़ी। जिसके बाद गुरुवार को दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शव पहुंचा, वहां से सड़क के रास्ते अजराड़ा उसके पैतृक गांव लाया गया।
सख्त कानून के चलते करनी पड़ी कड़ी मशक्कत
अरब देशों के सख्त कानून के कारण काफी मशक्कत करनी पड़ी, जिसके बाद केंद्र सरकार की ओर से शव को भारत लाया जा सका है। गांव के ही एक जिम्मेदार व्यक्ति ने बताया कि 6 सितंबर को शाकिर की मौत के तीन दिन बाद परिजनों को पता चला था कि उनकी मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से दूतावास में संपर्क कर सभी औपचारिकताएं पूरी की, जिसमें लगभग डेढ़ महीने का समय लगा।

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