कृषि क्षेत्र में नई तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए आर जी अग्रवाल

  कृषि विवि में नकली रसायनों पर विचार गोष्ठी का आयोजन
मेरठ। कृषि विवि के कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा एक  कार्यक्रम  आयोजित किया गया। जिसमें बाजार में नकली और घटिया कृषि रसायनों की बिक्री पर चितंा व्यक्त की गयी।
  धानुका के चेयरमैन आर जी अग्रवाल ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक के उपयोग की हिमायत की क्योंकि इसके उपयोग से फसल की पैदावार में सुधार होगी और किसान की लागत कम करने और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों के छिड़काव सहित विभिन्न गतिविधियों के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से ही इस ड्रोन के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा किसानों को फसलों की उत्पादकता और उत्पादन में सुधार के लिए सही दर पर अच्छी गुणवत्ता वाले इनपुट जैसे बीज, उर्वरक और कीटनाशक प्रदान करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और भारतीय कृषि में घटिया कीटनाशकों की बड़े पैमाने पर बिक्री के बारे में बताया कि कैसे इससे फसल की उपज और किसानों की आय दोनों प्रभावित होती है।उन्होंने कहा ऐसे घटिया कृषि रसायन का उपयोग मिट्टी की उर्वरता पर प्रभाव डालता है। इस तरह के खराब उत्पाद फसलों में कीटों को नियंत्रित करने में असमर्थ होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप फसलों को नुकसान होता है और किसानों की आय कम होती है। अग्रवाल ने कहा उन्होंने एसीएफ आई के साथ मिलकर जागो किसान जागो अभियान शुरू किया है जो किसानों को नकली उत्पादों के खतरों और उन्हें दूर करने के तरीकों के बारे में शिक्षित करेंगे । कार्यक्रम में अन्य विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखें

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