सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा :
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कैसे बनता है ओआरएस घोल सिखा रहीं आशा कार्यकर्ता
 
एक लीटर पानी उबालें, उसे ठंडा करें और उसमें मिलाएं छह चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक- बन गया ओआरएस घोल
24 घंटे असरकारक रहता है घोल

नोएडा, 10 जून 2022। घर के किसी सदस्य को यदि लू लग गयी है या उल्टी-दस्त हो रहे हैं और घर में ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट) का पैकेट नहीं है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। छह चम्मच (टी स्पून) चीनी, आधा चम्मच नमक एक लीटर पानी में घोलें और उसका निरंतर सेवन करें। याद रखें कि जिस पानी में घोल बनाया जाएगा पहले उसे पूरी तरह से उबालना है फिर ठंडा करके उसमें चीनी नमक मिलाना है। यह घोल केवल 24 घंटे ही असर कारक होता है। यानि यदि यह घोल 24 घंटे बाद भी बचता है तो इसे इस्तेमाल नहीं करना है। फिर से नया बनाएं और इस्तेमाल करें। सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़े में कुछ इस तरह आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर ओआरएस घोल बनाने की जानकारी दे रही हैं। जनपद में इस काम करीब 700 आशा कार्यकर्ता जुटी हुईं हैं।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आरसीएच) डा. भारत भूषण ने बताया- गर्मी के मौसम में डायरिया का प्रकोप बढ़ जाता है, ऐसे में जरूरी है ‌कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। अपने आपको लगातार हाईड्रेट करते रहें। उन्होंने बताया डायरिया के मामले में ओआरएस घोल और जिंक टेबलेट रामवाण की तरह काम करते हैं। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शासन के निर्देश पर 15 जून तक जनपद में सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चलाया जा रहा है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर डायरिया पीड़ितों को ओआरएस के पैकेट और जिंक की टेबलेट वितरित कर रही हैं साथ ही ओआरएस घोल बनाने की विधि भी बता रही हैं। उन्होंने बताया विभाग द्वारा दिये गये ओआरएस के एक पैकेट के पाउडर को एक लीटर पानी में घोलना है।
डा. भारत भूषण ने बताया- एक जून से शुरू हुए सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा में 9 जून तक करीब 5433 परिवारों को ओआरएस पैकेट और जिंक की गोली प्रदान की जा चुकी हैं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किये गये सर्वे में शून्य से पांच साल की उम्र के 375 बच्चे डायरिया से पीड़ित मिले हैं, इनमें 21 बच्चे गंभीर रूप से डायरिया के शिकार थे, उन्हें उच्च चिकित्सा केन्द्रों पर रैफर किया गया है।
उन्होंने बताया - डायरिया छोटे बच्चों के लिए घातक हो सकता है, इसलिए बच्चों को लेकर खासतौर पर सावधानी बरतें। उन्हें उल्टी-दस्त होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं और चिकित्सक से परामर्श करें। उन्होंने बताया 15 जून तक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पांच वर्ष तक की आयु वाले सभी बच्चों के घर में ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां वितरित करेंगी।
डायरिया के कारण और बचाव पर जानकारी के दौरान आशा बताती हैं कि डायरिया से बचाव का मूल मंत्र हाथों की सफाई है। दरअसल, बच्चे गंदे हाथों से कुछ खाते हैं संक्रमण का शिकार हो जाते हैं। इसलिए उन्हें सिखाएं कि खाना खाने से पहले हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह से धोना जरूरी है।

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