आईआईएमटी विश्वविद्यालय में चार दिवसीय कार्यशाला आयोजित

मेरठ।  आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ‘आर्ट्स एंड ह्यूमैनिटीज’ विभाग के तत्वाधान में क्रिमिनल साइकोलाॅजी, क्लीनिकल हिप्नोसिस, पैरानाॅर्मल साइकोलाॅजी एंड काउंसलिंग एंड साइकोथेरेपी विषय पर चार दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। पहले दिन की वर्कशाॅप की मुख्य वक्ता डीन प्रोफेसर केडी शर्मा ने क्लीनिकल हिप्नोसिस के बारे में बताया। सम्मोहन विधि का प्रयोग कैसे किया जाता है इस पर प्रवक्ता ने विस्तार से विवरण दिया तथा क्लीनिकल हिप्नोसिस का प्रयोग अनिद्रा (इनसोम्निया) दर्द निवारण (पेन रिलीफ) में किस तरह से क्लीनिकल सेटिंग में बहुत ही उपयोगी एवं प्रचलित होता जा रहा है इसके बारे में विस्तार से विवरण दिया। 

दूसरे दिन के वर्कशाॅप में मुख्य वक्ता प्रोफेसर केडी शर्मा ने बताया कि अपराध होने से पहले तथा बाद में मनोविज्ञान की सहायता से मस्तिष्क का  विश्लेषण करके कैसे अपराधी तथा पीड़ित की स्थिति के बारे में पता लगाया जा सकता है इसके बारे में विस्तार से विवरण दिया गया। तीसरे दिन की कार्यशाला में परा मनोविज्ञान के रहस्यों के बारे में चर्चा की गई तथा वातावरण में उपस्थित अदृश्य ऊर्जा को अनुभव करने की विधा के बारे में बताया गया।

 चैथे तथा आखिरी दिन की वक्ता डाॅ निधि पाठक ने काउंसलिंग के विभिन्न चरणो तथा अच्छे परामर्श (काउंसलर) की मुख्य विशेषताओं के बारे में बताया तथा कुछ थेरेपी के बारे में चर्चा की जो  मरीज को उनकी परेशानियों से बाहर निकालने में उपयोग की जाती है।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि आईआईएमटी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डाॅक्टर दीपा शर्मा रहीं। कार्यक्रम का संचालन तथा मुख्य वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डाॅक्टर रेणु जैन ने किया।

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