अब खांसी की आवाज से होगी टीबी की पहचानः डा. अनिल
जनपद में 36 मरीजों की खांसी की रिकॉर्डिंग की गयी
स्वास्थ्य विभाग ने तैयार किया टीबी कलेक्शन एप
शामली, 10 फरवरी 2022। टीबी एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही लोगों को टेंशन हो जाती है। नयी-नयी तकनीक से इस बीमारी पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। अब खांसी की आवाज से टीबी की पहचान की जाएगी। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग ने टीबी कलेक्शन एप तैयार किया है। इसके जरिए चिन्ह्ति घरों में जाकर सैंपल रिकार्ड किये जा रहे हैं। शामली में भी इसकी शुरुआत हो गयी है। सैंपल के तौर पर 36 लोगों की खांसी की रिकॉर्डिंग की गयी है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. अनिल कुमार ने बताया देश को क्षय रोग से मुक्त कराने के लिए नया एप डिजाइन किया गया है। इस एप में रोगी या चिन्ह्ति व्यक्ति की आवाज आठ बार रिकॉर्ड की जाती है। पूरे देश से लिये जाने वाले 21 हजार सैंपल में सर्वाधिक यूपी से होंगे। प्रथम चरण के सर्वे में आवाज के सैंपल का अध्ययन होगा। इसमें से 750 टीबी रोगी होंगे। 750 नॉन टीबी एवं छह हजार टीबी लक्षण वालों के संपर्क या उनके रिश्तेदार होंगे।
उन्होंने बताया सर्वे में जिन लोगों की खांसी की आवाज रिकॉर्ड की गयी है, उनके नाम पते गोपनीय रखे जाएंगे। उन्होंने बताया शामली जिले को 36 लोगों की खांसी की आवाज की रिकॉर्डिंग के सैंपल का टारगेट दिया गया है, जो पूरा कर लिया गया है।
ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया
डॉ. अनिल ने बताया कफ सांउड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड सोल्यूशन टू डिटेक्ट टीबी को लेकर ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। स्मार्ट मोबाइल में टीबी रोगी एवं अन्य लोगों की आवाज को रिकॉर्ड किया गया। सैंपल उन्हीं के लिये गये जिनकी दवा शुरू नहीं हुई है।
“टीबी को देश से समाप्त करने के लिये अब चिन्ह्ति क्षय रोगियों पर यह सर्वे किया गया है। मोबाइल एप के माध्यम से खांसी की आवाज एवं अन्य प्रकार की आवाज रिकॉर्ड की गयी। इसको अध्ययन के लिये मुख्यालय भेजा गया है। जनपद में 36 लोगों की खांसी की आवाज को रिकॉर्ड किया गया है।”
डॉ. अनिल कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी

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