सरधना से साजिद कुरैशी की रिपोर्ट------
 सरधना (मेरठ) सोमवार को झिटकरी-भामोरी मार्ग स्थित महर्षि दयानंद आर्य कन्या गुरुकुल में मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम आचार्या आदेश शास्त्री के सान्निध्य में गुरुकुल की ब्रह्मचारिणीयों ने सुंदर वेदपाठ करते हुए देवयज्ञ किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए आदेश आचार्या ने कहा यज्ञ शुद्धिकरण का कार्य करता है, आज प्रदूषित हुए वातावरण की शुद्धि के लिए यज्ञों की  आवश्यकता है। जो व्यक्ति यज्ञ को अपनाता है वह भौतिक और आध्यात्मिक उन्नति को प्राप्त करता है। इस अवसर पर भारत भूषण सम्मानित वैदिक विद्वान डॉ कपिल आचार्य ने कहा वेद परमात्मा प्रदत्त व दिव्य ज्ञान है जिस ज्ञान की मनुष्य को अपनी सभी प्रकार की उन्नति के लिए आवश्यकता है। इसी लिए सबसे प्राचीन संस्कृति वैदिक संस्कृति है जिसका मूलधार है वेद। वेद ही मनुष्य को धर्म की शिक्षा प्रदान करते हैं। मनुष्य को वेद विहित कर्म करते हुए यज्ञ, स्वाध्याय और ब्रह्म विद्या के प्रचार प्रसार के लिए दान आदि महनीय कर्म करते हुए धार्मिक बनना चाहिए। दिल्ली के प्रबुद्ध समाजसेवी सन्दीप वर्मा  एवं कंकरखेड़ा से अनिल आर्य  सपत्नीक यज्ञ के  यजमान रहे। इस अवसर बालिकाओं ने बहुत सुंदर प्रभु भक्ति और राष्ट्रभक्ति के गीत प्रस्तुत किये। सत्संग में स्वामी योगमुनि, विजयमुनि, अशोक सिरोही प्रधान, रविन्द्र आर्य, मदनपाल आर्य, ओमवीर आर्य, सुशील सैनी, सुधीर आर्य, राकेश आर्य, ठाकुर गजेंद्र सिंह, मास्टर सुरेंद्र सिंह, डॉ कालीचरण शर्मा, विजयपाल आर्य, बिजेंद्र सिंह, मास्टर जगदेव, सावित्री देवी, पुष्पा देवी, राजेन्द्र आर्य, महिमा आर्या, दीपा आर्या, सुषमा आर्या, सहित क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु और गुरुकुल के सहयोगीजन उपस्थित रहे।


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