यूपी देश का सबसे अधिक दूध उत्पादक राज्यः मोदी
 किसानों को मिलेगा नया मौका, रुकेगा पलायन

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को बड़ी सौगात देने के साथ पिंडरा के करखियांव में जनसभा को संबोधित किया। 
उन्होंने कहा कि मैं जब काशी के साथ उत्तर प्रदेश के विकास में डबल इंजन की डबल शक्ति और डबल विकास की बात करता हूं, तो कुछ लोगों को बहुत कष्ट होता है। यह तो वो लोग हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति को सिर्फ जाति, पंथ तथा मत-मजहब के चश्मे से ही देखा। इन लोगों ने कभी नहीं चाहा कि यूपी का विकास हो, यूपी की आधुनिक पहचान बने। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सड़क, पानी, बिजली, गरीबों के घर, गैस कनेक्शन, शौचालय, इनको तो वो विकास मानते ही नहीं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की यह भाषा भी उनके सिलेबस से बाहर है। उनके सिलेबस में है- माफियावाद, परिवारवाद। उनके सिलबस में है- घरों-जमीनों पर अवैध कब्जा। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार सिर्फ बच्चों का ही मुफ्त टीकाकरण नहीं कर रही, कोरोना का ही मुफ्त टीका नहीं लगवा रही बल्कि मवेशियों को भी टीके लगाए जा रहे हैं। इसका परिणाम दूध उत्पादन आज तीन गुना हो गया। दुनिया का 22 फीसद भारत में दूध उत्पादन हो रहा। यूपी देश का सबसे अधिक दूध उत्पादक राज्य है ही डेयरी सेक्टर में भी बहुत आगे है। विश्वास है देश का डेयरी सेक्टर, पशुपालन किसानों की स्थिति बदलने में भूमिका निभा सकती है। डबल इंजन की हमारी सरकार किसानों, पशुपालकों का साथ दे रही है। 
उन्होंने कहा कि आज यहां जो बनास काशी संकुल का शिलान्यास किया गया, वह सरकार व सहकार की भागीदारी का परिणाम है। बनास व पूर्वांचल के किसानों के बीच नई साझीदारी शुरू हुई है। इससे बनारस के साथ ही आसपास के जिलों के हजारों जिलों के किसानों को लाभ होगा। आसपास के गांवों में दूध समितियां व कलेक्शन सेंटर बनेंगे। दूध खराब होने की चिंता से मुक्ति मिलेगी। दूध-दही, छाछ, मक्खन पनीर के अलावा आइसक्रीम व मिठाइयां भी बनेंगी। बनारस की लस्सी, छेने की एक से बढ़ कर एक मिठाइयां, लौंगलता का स्वाद और बढ जाएगा। वैसे अब तो मलइयो का भी मौसम आ गया है। एक प्रकार से बनास काशी संकुल बनारस के रस को और बढ़ा देगा। आमतौर पर दूध की गुणवत्ता को लेकर उलझन रही है। दूध खरीदें तो कौन सा सुरक्षित है, इसे लेकर मुश्किल रही है। डेयरी सेक्टर को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसका समाधान भारतीय मानक ब्यूरो ने देश भर के लिए एकीकृत व्यवस्था जारी की है। प्रमाणन के लिए कामधेनु गाय की विशेषता वाला लोगो लांच किया गया है। यह दिखेगा तो पहचान पुख्ता होगी। 
उन्होंने कहा कि पहले प्राकृतिक खेती होती थी यानी बाहरी मिलावट न होती थी। खेत में खेत और पशुओं से मिलने वाले तत्व उपयोग किए जाते थे। समय के साथ प्राकृतिक खेती का दायरा सिमटता गया। केमिकल हावी होता गया। धऱती माता की सुरक्षा के लिए, आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए हमें एक बार फिर प्राकृतिक खेती की ओर मुड़ना होगा। 
छह परिवारों को दिया घरौनी प्रमाण-पत्र भी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज का दिन इतिहास में विशेष है। आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण की सिंह की जन्म जयंती है। आदर पूर्वक श्रद्धांजलि। उनकी स्मृति में देश किसान दिवस मना रहा है। आज देश में गाय की बात करना, गोबर की बात करने को जैसे कुछ लोगों ने गुनाह बना दिया है। गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती हैं, हमारे लिए माता है, पूजनीय है। गाय का मजाक उड़ाने वाले भूल जाते हैं कि आठ करोड़ लोगों की जीविका इससे ही चलती है।
वाराणसी को काशी संकुल यानी अमूल प्लांट समेत 2095.67 करोड़ की सौगात देने के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छह परिवारों को घरौनी का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इसमें तीनों तहसील यानी सदर, पिंडरा व राजातालाब के दो-दो परिवार शामिल हैं। इसके बाद प्रदेश के 20 लाख परिवारों को आनलाइन घरौनी (खतौनी) जारी की। प्रधानमंत्री ने जनसभा स्थल से ही प्रदेश के 1.74 लाख दुग्ध उत्पादकों को 35.2 करोड़ का बोनस जारी किया।

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