दक्षिण दिशा :-अलग-अलग व्यापार के लिए अलग-अलग दिशा लाभदायक होता है ,
क्या आप जनते हैं कि दक्षिण दिशा में राईस मिल,दाल-मिल आटो- मोबाइल्स,सर्विसिंग सेंटर,गेसएजेंसी ,पेट्रोल पम्प,मिटटीतेल,टीवी    ,फ्रिज,इलेक्ट्रिक,केमिकल्स,ज्वेलरी,किराने की दुकान ,ब्यूटी -पार्लर आदि अनेक व्यापार लाभदायक स्थिति में चलते हुए मैने देखे हैं ,
कोई दिशा खराब नही होती ,जैसा आपका व्यापार है वेसे ही दिशा का चयन करके अधिकतम लाभ उठाया जा सकता है ।



आज हम बात करते हैं राईस मिल की ........
१.मशीनों को नेरित्य कोण में स्थित फेक्टरी में लगायें 
२.पेड्डी गोदाम को आग्नेय में बनाएं 
३.मुख्य फेक्टरी के आग्नेय कोण में पर्वेलिन ,बोईलर,ड्रायर ,को स्थापित करें 
४.नेरित्य मे पानी की टंकी बनाकर उस कोण को ऊँचा करें ५.तेयार मॉल को वायव्य में निकालें ,वायव्य से निकलने वाला मॉल की शीग्र बिक्री होती है 6.राईस मिल का मुख्य तत्व अग्नि होता है ,अगर मिल चलाने में कोई परेशानी है तो अग्नि - कोण को विकसित करें 
७ राईस मिल का ट्रांसफार्मर आग्ने - कोण में ही रखें इससे अग्नि कोण विकसित होगा ८.अगर आप अपने व्यापार के बारे में जानकारी चाहते हैं तो नक्शे के साथ सवाल भेजें---
:- 
south फेसिंग प्लाट या मकान को अशुभ क्यों माना jata hai ...?
 जी ....भगवान की बनाई कोई भी दिशा अशुभ नही होती ,अगर दक्षिण और पश्चिम दिशा अशुभ हो गई तब तो संसार की आधी जमीन अशुभ हो जाएगी ,
उपर पढो जिसमें बहुत से व्यापार दक्षिण में शुभ दायक माने गये हैं ,
भवन के अंदर जो बनावट होती है वो दोषपूर्ण हो सकता है ,हमने अपने विद्यार्थियों से सर्वे कराया है जिसमें अधिकतर दक्षिण मुखी दुकानें दक्षिण में सफल देखी गयी हैं ,दक्षिण दिशा में भूमि ,भवन ,वाहन से सम्बन्धित व्यापार सफल देखे गये हैं 

.....Mr Bijender singh astro vaaatu consultant cell 9311083514

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