आरोपी को अबतक की सबसे लंबी सजा


बिहारशरीफ (एजेंसी)। 11 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी कृष्ण मोहन रविदास को पाक्सो अधिनियम के तहत बिहार में अबतक की सबसे लंबी 25 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला न्यायालय के एडीजे सह पाक्सो न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने अभियुक्त पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पीड़िता को सात लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया गया है।
मामले का अभियुक्त एकंगरसराय थाना क्षेत्र का निवासी है। विचारण के दौरान लोक अभियोजक पाक्सो जगत नारायण सिन्हा ने सजा निर्धारण पर बहस करते हुए आरोपित को जघन्य अपराध के लिए अधिकतम सजा देने की मांग की। उन्होंने विचारण के दौरान कुल सात साक्षियों का परीक्षण कराया था। सभी साक्षी मुकर गए थे। जबकि पीडि़ता का बयान 164 के तहत न्यायाधीश अविनाश कुमार ने कलमबद्ध किया था। पीडि़ता ने घटना का पूर्ण समर्थन करते हुए आरोपित को पहचान लेने का भी बयान दिया था। महिला थाना में पीड़िता की मां के फर्दबयान पर 6 नवम्बर 19 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसके अनुसार आरोपित ने पीड़िता को 5 नवम्बर 2019 की शाम खेत में ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था।
इस मामले में साक्षियों के घटना से इनकार करने पर एफएसएल रिपोर्ट में दोनों के डीएनए मैच होने के आधार पर घटना की सत्यता साबित होने पर कोर्ट ने आरोपित को दंडित किया। यह इस कोर्ट में इस प्रकार के दंड देने का दूसरा मामला है, जिसकी सत्यता की जांच वैज्ञानिक आधार पर की गई है। 31 जुलाई को भी इसी तरह के मामले में तीन आरोपितों को 20-20 साल कैद की सजा दी गई थी।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts